ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
दीपक चौरसिया "मशाल"
दीपक चौरसिया
24 सितम्बर 1980 को उरई, उत्तरप्रदेश में जन्म। जैव-प्रौद्योगिकी में परास्नातक। नामी पत्रिकाओं में लघुकथा, व्यंग्य, कविता एवं कहानियों का प्रकाशन। चित्रकारी, अभिनय एवं संगीत में गहरी दिलचस्पी। कविताओं का संग्रह "अनुभूतियाँ" प्रकाशित। सम्प्रति : उत्तरी आयरलैंड (यू.के.) के क्वींस विश्वविद्यालय से कैंसर पर शोध में संलग्न।

उज्जवला अब खुश थी!
देखा आपने रात में कैसी रासलीला चल रही थी मोहल्ले में? पानी सर से ऊपर होता जा रहा है अब तो। वो तो अच्छा है दीदी कि हमारे बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। वर्ना इन कमीनों की हरकतें देख सुन क्या असर पड़ता उन पर र
शहरों का शहर
पेरिस के प्रवास में जो भला-बुरा देखा अगर वो सब बताने की कोशिश की जाए तो कभी बातें ही ख़त्म ना हों। कम ही लोगों को मालूम होगा कि पेरिस को फ्रेंच में पाही बोला जाता है। आज भले ही एफ़िल टॉवर इस नगर की पहचा
दूसरा पहलू
सभ्यता का दूसरा पहलू विकास का वीभत्स चेहरा उघाड़ देती है आग जलकर-झुलसकर मरती जीव-जातियों की दर्दनाक चीखें और उससे भी भयानकखामोशियों के बीच बहरे बने हुए लोगों की शक्लें सबसे कुरुप नज़र आती हैं जब जलाई नह
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 12.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^