ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
दागमार मारकोवा
दागमार मारकोवा
१२ अगस्त १९३५ में चेकोस्लोवाकिया में जन्म। हिंदी-संस्कृत का अध्ययन। १९५३-१९५७ चाल्र्स वि·ाविद्यालय प्राग, १९५७-५८ हुमबोल्द्त वि·ा विद्यालय बर्लिन। १९५८-१९६४ हुमबोल्द्त वि·ा विद्यालय में हिंदी का अध्यापन। "१९४७ के बाद के हिंदी उपन्यास में नारी समस्याएँ' पर स्नातकोत्तर थीसिस प्रस्तुत की। १९६५-१९६९ में जर्मन अकादमी के पूर्वी देशों के संस्थान में अनुसंधान कार्य, बाद में विदेशी भाषाओं के अन्य स्कूलों के अलावा चाल्र्स वि·ाविद्यालय में हिंदी साहित्य का अध्यापन। हिंदी से चेक में अनेकों अनुवाद किये। हिंदी-चेक शब्दकोश (प्राग) की सह-लेखिका, चेक-हिंदी शब्दकोष (दिल्ली) में सहयोग।

काश कि तुमसे मुलाकात कभी न हुई होती
दोपहर के समय होस्टल के सुनसान गलियारे में "चौधरी!" पुकार सुनाई दी। इसके बाद दरवाज़े का धड़ाके से बंद करने की आवाज़ और तेज़ कदमों की आहट सुनाई दी।अनिता का फ़ोन है या कोई उससे मिलने आया। ज़ोरा होस्टल के कमरे
बस यह शादी किसी तरह से गुज़र जाए
तो यह बेटी की शादी करने वाली माँ का हाल है। शादी जल्द ही होने वाली है। लेकिन क्या भारतीय माँ का भी यह हाल है? मैंने अधिकांश जीवन भारत में गुज़ारा, फिर भी चेक माँ हूँ, क्या करूँ।वह किसका ख़याल था, लड़की क
कुम्भ के बहाने क्रिसमस स्मरण
यूरोप का ऐसा कोई बड़ा पर्व नहीं है जैसा भारत में कुम्भ मेला है कि लोग सब दिशाओं से आकर एक स्थान इकट्ठे हो जाएँ। ईसाई धर्म भी इतना प्राचीन नहीं है जितना हिंदू धर्म है। हाँ सारे यूरोप में क्रिसमस मनाया ज
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