ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
ऑस्ट्रेलिया के विद्यालयों में पाठ्यक्रम
01-Jan-2019 01:38 PM 1033     

किसी भी शिक्षण पद्धति में पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है। बिना पाठ्यक्रम के शिक्षण पद्धति बिना पहियों की गाड़ी के समान होती है। डेविस के अनुसार, "पाठ्यक्रम अध्ययन का कोर्स होता है।" माना जाता है कि छात्र के विद्यार्थी जीवन का गठन करने के लिए पाठ्यक्रम को गतिविधियों, विषय-वस्तु और अनुभवों की पूर्णता के रूप में परिभाषित किया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय सहयोग से ऑस्ट्रेलियन करिकुलम अस्सेस्मेंट एंड रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा कक्षा फाउंडेशन से कक्षा 12 तक का पाठ्यक्रम निर्धारित किया जाता है। ऑस्ट्रेलिया में पाठ्यक्रम को निर्धारित करते समय मुख्य रूप से विद्यार्थियों को शिक्षा देने एवं उनकी अपेक्षाओं की पूर्ति की ओर ध्यान दिया जाता है। छात्रों के जन्म स्थान या सामुदायिक मूल का शिक्षण पद्धति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ऑस्ट्रेलियन करिकुलम अस्सेस्मेंट एंड रिपोर्टिंग अथॉरिटी का पाठ्यक्रम निर्धारित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को निखारना एवं उनकी विशेषताओं को विकसित करने के लिए आकर्षित करना है। केवल इतना ही नहीं, पाठ्यक्रम के द्वारा सभी युवाओं को सफल शिक्षार्थी, आत्मविश्वासी एवं रचनात्मक व्यक्ति तथा सक्रिय और सूचित नागरिक बनने में सहायता की जाती है।
इस पाठ्यक्रम को फाउंडेशन से कक्षा 12 तक के लिए मुख्य रूप से 8 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा, मानविकी व सामाजिक विज्ञान, कला, प्रौद्योगिकी और भाषा जैसे विषय सम्मिलित हैं। भाषा, कला, प्रौद्योगिकी तथा मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान जैसे चार क्षेत्र हैं, जिनमें कई अलग-अलग विषयों को शामिल किया गया है।
प्रत्येक शिक्षण क्षेत्र में शामिल की गई विषय-सूची यह तय करती है कि विद्यार्थी इस विषय में क्या-क्या सीखेंगे। उपलब्धि के मानकों के द्वारा हर वर्ष के स्तर के आधार पर यह तय किया जाता है कि छात्रों के शिक्षा के क्षेत्र को समझने की गहराई, अपेक्षित ज्ञान और कौशल कितना है।
फाउंडेशन से कक्षा 10 तक का ऑस्ट्रेलियाई पाठ्यक्रम शिक्षकों, अभिभावकों, छात्रों और अन्य समुदाय के लोगों को बताता है कि इस कार्यकाल में क्या सिखाया जाना चाहिए। इसके साथ-साथ विद्यालय में छात्रों की सीखने की क्षमता और गुणवत्ता की अपेक्षा का भी वर्णन किया जाता है। यह त्रिआयामी पाठ्यक्रम अनुशासिक ज्ञान, कौशल और सक्षम के महत्व को समझने के साथ-साथ सामान्य क्षमताओं और पार-पाठ्यक्रम प्राथमिकताओं के महत्व को भी दर्शाता है।
21वीं सदी में एक सफल जीवन जीने और सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए युवा ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सम्मिलित करने में ऑस्ट्रेलिया के पाठ्यक्रम में सामान्य क्षमताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामान्य क्षमताओं में मुख्यत: स्वभाव, व्यवहार, कौशल और क्षमता ज्ञान को सम्मिलित किया गया है।
विद्यालय के आंतरिक एवं बाह्य वातावरण में विद्यार्थियों के द्वारा आत्मविश्वास, प्रभावी ढंग से तथा उचित रूप से अपने कौशल और ज्ञान को जटिल और बदलती हुई परिस्तिथियों में प्रयोग में लाने की क्षमता को ऑस्ट्रेलियाई पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। इन क्षमताओं को पाठ्यक्रम में शिक्षण क्षेत्र के पाठ्यक्रम के द्वारा सम्बोधित किया जाता है। इनकी पहचान तब होती है जब ये क्षमतायें पाठ्यक्रम में लागू या विकसित होती हैं।
सीखने की सामग्री के विस्तार के माध्यम से छात्रों की सीखने की इच्छा-शक्ति एवं समृद्धि को बढ़ाने के अवसर प्रदान किये जाते हैं, जिसके द्वारा शिक्षकों को भी इन विषयों सम्बन्धी ज्ञान एवं उनके उपयोग से सम्बंधित विचार एवं ज्ञान प्राप्त होता है। शिक्षकों से यह भी उम्मीद की जाती है कि वे इन विषयों का ज्ञान छात्रों को दें तथा उनका आंकलन करें।
प्रत्येक राज्य या क्षेत्र को यह अधिकार है कि वे अपने क्षेत्र के छात्रों द्वारा प्रदर्शित सामान्य क्षमताओं का मूल्यांकन तथा रिपोर्ट कार्य अपनी सुविधाओं के अनुसार निर्धारित करें।
छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने तथा शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेलबोर्न की घोषणा के आधार पर ऑस्ट्रेलिआई पाठ्यक्रम की रचना की गई है।
इस घोषणा के अनुसार तीन मुख्य क्षेत्रों के पहचान की गई है, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया तथा यहाँ पर रहने वाले लोगों के हितों के लिए सम्बोधित करने की आवश्यकता है। छात्रों को व्यस्त रखने एवं विश्व को उचित रूप से समझने के लिए उपकरण एवं भाषा के प्रयोग को ऑस्ट्रेलियाई पाठ्यक्रम में प्राथमिकता दी गई है। प्राथमिकताओं के समावेश से छात्रों, शिक्षकों और व्यापक समुदाय के बीच बातचीत का माध्यम विकसित होता है।
शिक्षा के प्रारंभिक वर्षों में भाषा एवं अंक ज्ञान के विकास को प्राथमिकता दी गयी है। इससे छात्रों की नींव मज़बूत होती है, जो आगे चलकर छात्रों को अन्य विषयों का ज्ञान प्राप्त करने में सहायक होते हैं। इस प्रकार ऑस्ट्रेलिया की शिक्षण पद्धति के द्वारा छात्रों को न केवल शिक्षा का ज्ञान दिया जाता है अपितु उन्हें आगामी जीवन को जीने की विभिन्न कलायें भी सिखाई जाती हैं, जिनके द्वारा वे अपनी रूचि के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में अग्रसर होते हैं।

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