ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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अपनी बात दार्जिलिंग
01-Feb-2016 12:00 AM 172
अपनी बात दार्जिलिंग

कवि दार्जिलिंग के होटल ठहरा था। सुबह सोकर उठा खिड़की खोली, तो भौंचक रह गया। हिमाच्छादित कंचनजंगा पर सुनहली धूप की पृष्ठभूमि में रंग-बिरंगे फूलों का मेला। निहारता ही रह गया कवि। फिर उसका मन मान से भर

नव वर्ष का अभिनन्दन
01-Jan-2016 12:00 AM 178
नव वर्ष का अभिनन्दन

न्यता है कि रोमन देवता जेनस के दो चेहरे हैं। एक से वह आगे और दूसरे से पीछे देखता है। साल के पहले महीने का नाम जनवरी इसी रोमन देवता के सम्मान में रखा गया। एक से वह बीते हुए वर्ष को देखता है और दूसरे

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