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अनुपमा त्रिपाठी
अनुपमा त्रिपाठी
13 मई 1963 को जन्म। रानी दुर्गावती वि·ाविद्यालय, जबलपुर से अर्थ¶ाास्त्र में एम.ए एवं संगीत में वि¶ाारद। कुछ वर्षों तक अर्थ¶ाास्त्र की व्याख्याता एवं हिन्दुस्तानी ¶ाास्त्रीय संगीत की ¶िाक्षिका रहीं। कविताएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रका¶िात। काव्य संग्रह "एक सांस मेरी', हाइकू संग्रह "यादों के पाखी' प्रका¶िात। हिन्दी ब्लॉग जगत में सक्रिय www.anupamassukrity. blogspot.com* Temple of fine arts ,Kualalumpur, Malaysia में ¶ाास्त्रीय संगीत सिखाया। वहाँ "यादें' नामक ऑॅडियो सी.डी. में पंजाबी गीत गाया।

जब कोलाहल नहीं होगा
प्रातः का स्वर्णिम विहान होउड़ान भरते हों पाखीया सुरमई साँझ होविश्रांति हेतु स्वप्न-सा लिएनीड़ को लौटते हों पाखीकलरव तब ही सुन पाओगेजब कोलाहल नहीं होगा।कभी कोलाहल में भीएकल होता है मनतो कभी
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