ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
अनिल शर्मा
अनिल शर्मा

प्रख्यात कवि, व्यंग्यकार, लेखक, चिंतक तथा प्रवासी साहित्य के विशेषज्ञ। लंदन विश्वविद्यालय से ट्रांसलेशन स्टडी तथा हिंदी में एम.ए., राजस्थान विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम.। भारतीय उच्चायोग लंदन में अताशे (हिंदी एवं संस्कृति) के रूप में कार्य किया। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो में तीन दशकों तक कार्य किया। कविता संग्रह - "मोर्चे पर", "नींद कहां है" प्रकाशित। विभिन्न विषयों पर सैंकड़ों आलेख प्रकाशित। ब्रिटेन के कवियों का संकलन "धरती एक पुल" का सम्पादन। हिंदी की अंतर्राष्ट्रीय संस्था अक्षरम से अध्यक्ष के तौर पर जुड़े रहे। वातायन, यू.के. हिंदी समिति, विश्व हिंदी समिति, विश्व हिंदी परिषद तथा विश्व हिंदी न्यास द्वारा सम्मानित।


अंतरराष्ट्रीय हिंदी उत्सव क्यों?
वर्ष 1989 में एक बहुत बड़े हिदी सम्मेलन का आयोजन किया था। सम्मेलन की विशेषता यह थी कि उसमें चार से अधिक प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया था। ऐसा लगता था कि हिंदी भाषी प्रदेशों के राजनीतिक प्रमुख हिंदी के लिए कोई संयुक्त रणनीति बनाएंगे। सम्मेल
प्राण जी, मैं अनल बोल रहा हूँ
विगत माह प्राण जी का निधन हो गया। उनका जाना एक बड़ी क्षति है। उनका ब्रिटेन के साहित्यिक परिदृश्य में क्या महत्व है मैंने वर्ष 2006 में लिखे एक लेख में विश्वेषण करने का प्रयास किया था। प्रस्तुत है प्रवासी टुडे के दिसंबर 2006 के अंक में प्रकाशित यह ल
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