ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
अभिमत Next
कथा सम्राट प्रेमचन्द से अल्प असहमति

हिन्दी साहित्य से परिचित भला ऐसा कौन व्यक्ति होगा, जिसके मन में महान कथाकार प्रेमचन्द के प्रति असीम आदर न हो। मेरा भी है परन्तु उनकी कुछेक रचनाएं, कतिपय चरित्र-चित्रण खटकते रहे हैं लम्बे समय से...<

एक सोच को बदलने की जरूरत

क्या जरूरत है तुम्हें शादी करने की? यों ही जिंदगी की गुजर-बसर हो ही जायेगी और यदि कर ही ली है तो ये विचार कैसे पनपा आपके ह्मदय स्थल पर कि छोड़कर एक-दूसरे को जीवन अच्छा चलेगा। कभी सोचा है कि आपकी जरा

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 12.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^