ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
प्राण शर्मा
प्राण शर्मा
13 जून, 1937 को वजीराबाद (अब पाकिस्तान) में जन्म। पंजाब वि.वि. से एम.ए., बीएड। 1965 से यू.के. के लोकप्रिय शायर। रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। कवि सम्मेलनों, मुशायरों तथा आकाशवाणी कार्यक्रमों में भागीदारी। अनेकों पुरस्कार से पुरस्कृत। ग़ज़ल संग्रह "ग़ज़ल कहता हूं" तथा कविता संग्रह "सुराही" प्रकाशित।

हिंदी भाषा  अपनी बोली
हिंदी भाषागूँजे हिंदी भाषा मन में मुरली बजे ज्यों वृंदावन में हिंदी भाषा के मतवाले इसको तन-मन से सुनते हैं इसके सारे भक्त निराले इसके सपने ही बुनते हैं नेह बढ़ाती,धूम मचाती साख इसकी बढ़ती ही जाए सबको भा
तू मेरी पीठ खुजायेगा मैं तेरी पीठ खुजाऊँगा
यह बात सही है कि हिंदी में अच्छे लेखकों की कमी नहीं, कमी है तो पाठकों की। दरअस्ल पाठकों की कमी का एक कारण ख़ुद लेखक ही हैं। लेखकों के कई खेमें हैं, खेमों में बंटे होने से लेखक अपने खेमे के लेखक की रचना
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 10.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^