ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
अनुकरणीय पहल
CATEGORY : विशेष 01-Apr-2017 01:19 AM 735
अनुकरणीय पहल

भारतीय मूल के अप्रवासी डॉ. आलोक एवं डॉ. संगीता अग्रवाल अचानक जब हैदराबाद में अपने स्कूल के समय की शिक्षिका कुमारी सुमना जी से मिले और उनके सामाजिक कार्य और उनके त्याग का पता चला, तो त्यागमयी प्रवृत्ति होने के कारण तुरंत उनके साथ सहयोग करने का निर्णय ले लिया और अपनी अध्यापिका के गाँव बुर्गुला के विकास के लिये आगे आये। यह वही अध्यापिका थीं जिन्होंने कभी बचपन में अनुशासन एवं सफलता के पाठ प्रदर्शित किये थे। इन लोगों ने हैदराबाद और अमेरिका में अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद अमेरिका के डेटन शहर जो ओहायो स्टेट के अंतर्गत आता है, अपनी कर्मस्थली बनाया। डॉ. आलोक हैदराबाद में केंद्रीय विध्यालय में पढ़ते थे जहाँ सुश्री कुमारी सुमना जी इनकी अध्यापिका थीं और वे आज बुर्गुला गाँव की सरपंच हैं। इन दोनों ने इस विश्वास के साथ की आज वे जो कुछ हैं उन्हीं के कारण हैं, अत: इन दोनों ने उस गाँव के विकास के लिये सबसे पहले घ्द्धठ्ठढ़ठ्ठद्यण्त् ध्र्ड्ढथ्ढठ्ठद्धड्ढ च्दृड़त्ड्ढद्यन्र् नामक एक संस्था बनाई और अपना कार्य प्रारम्भ किया।
डॉ. आलोक का विश्वास है कि जीवन और गाँव के विकास के लिये शिक्षा का स्थान सर्व प्रमुख है। अत: इन्होंने गाँव के पूर्ण विकास के लिये न केवल पहले के एक दर्जन खराब कम्प्यूटरों को ठीक कराया, अपितु बीस नये कंप्यूटर भी स्कूल को दिये। कंप्यूटर की शिक्षा हेतु दो शिक्षिकाओं को नियुक्त किया। इससे छठी कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। इन्होंने स्कूल को एक प्रोजेक्टर एवं टीवी भी दिया है। चौदह लाख की लागत से बाहर की ओर एक साइंस लैब और एक छोटा-सा सभागार भी बनवाया है। इसके अलावा दो कक्षाघर भी बनवाये हैं। विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन के लिये अच्छी और मजबूत प्लेट्स, लाइब्रेरी के लिये एक हजार पुस्तकें और अति उत्तम विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति का प्रावधान भी किया है। कड़ियाला कुंटा थंडा, टिमजीपल्ली, कुंडेलकुंटा थंडा के स्कूलों की चारदीवारी और कमरों का नवीनीकरण किया है। स्कूल से घर दूर होने के कारण 163 बच्चों को साइकिलें भी दीं ताकि बच्चे समय पर स्कूल पहुँच सकें। प्रगति वेलफेयर सोसाइटी ने नारी कल्याण एवं विकास के लिये ज़रूरतमंद महिलाओं को तीन सौ सिलाई की मशीनें भी दीं ताकि वह अपने और अपने परिवार की आवीजिका को ठीक से चला सकें, साथ ही उनको व्यापार संबंधी शिक्षा भी दी जा रही है।
सोसाइटी ने ग्रामीणों के अच्छे स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बुर्गुला में शुद्ध जल के लिए एक प्लांट लगाया है, जिससे ग्रामवासियों को शुद्ध पेय जल मिल सके। शौचालयों के लिए सरकार से मिली राशि पूरी न पड़ने के कारण अपनी ओर से पांच हजार रुपए प्रति शौचालय पर लगा कर दो सौ अच्छे शौचालय बनवाए हैं। काशीरेड्डी गुडा गाँव में साफ-सफाई के काम को जारी रखने के लिये दो गाड़ी और दो व्यक्तियों को काम पर रखवा कर कचरा सफाई का भी प्रावधान भी किया है। विशुद्धिकरण से बचे हुए पानी को सुरक्षित रखने के लिए दस छोटे सिंथेटिक टैंक भी दिये गये हैं ताकि पानी की बचत की जा सके और विशुद्ध पानी को सफाई, बागवानी तथा अन्य कामों में उपयोग लाया जा सके।
प्रगति वैलफेयर सोसाइटी डेढ़ सौ पुरुषों और नारियों को रोजगार के लिए शिक्षित भी कर रही है। साथ ही दो कंप्यूटर शिक्षकों को बुर्गुलाके स्कूल में ट्रेनिग देने के लिये नियुक्त किया है। यह सोसाइटी गाँव वालों को कार ड्राइविंग की ट्रेनिंग देने और उन्हें लाइसेन्स दिलाने में सहायता का कार्य भी कर रही है। इस प्रकार जनता के साथ सहभागिता करते हुए यह सोसाइटी बुर्गुला और उसके आसपास के गांवों के उत्थान के लिये कटिबद्ध है।

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