ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
डॉ. कमल किशोर गोयनका
डॉ. कमल किशोर गोयनका
देश-विदेश में "प्रेमचंद स्कॉलर" और "प्रेमचंद विशेषज्ञ" के रूप में विख्यात। प्रेमचंद पर 22 पुस्तकें तथा अन्य लेखकों पर 20 पुस्तकें प्रकाशित। "प्रेमचंद अकादमी" तथा "प्रेमचंद संग्रहालय" की स्थापना के लिए प्रयत्नशील तथा लगभग 3000 मूल दस्तावेजों, पत्रों, पाण्डुलिपियों, फोटोग्रॉफों का संग्रह करने वाले, हिंदी के प्रवासी साहित्य की स्थापना, मूल्यांकन के लिए तीन दशकों से कार्यरत। प्रवासी साहित्य पर छह पुस्तकें। प्रवासी साहित्य के तीन प्रतिनिधि संकलनों का सम्पादन-प्रकाशन। अपनी अस्मिता की रक्षा के साथ विश्व को एक कुटुम्ब मानने वाले भारत के एकमात्र ऐसे स्कॉलर जिन्होंने प्रेमचंद पर पीएच.डी. तथा डी.लिट् दोनों उपाधियाँ प्राप्त कीं।
ए-98, अशोक विहार, फेज प्रथम 110052, दिल्ली, INDIA
प्रवासी जीवन पर पहली कहानी शूद्रा
01-Oct-2016 12:00 AM 2460 प्रवासी जीवन पर पहली कहानी शूद्रा

प्रेमचंद हिन्दी कहानी के इतिहास में अनेक नये विषयों, सम्वेदनाओं एवं प्रवृत्तियों के उद्भावक थे। उन्होंने हिन्दी-उर्दू कहानी को आधुनिक बनाया, कहानी का नया शास्त्र दिया, उर्दू से हिन्दी में आकर नवोन्

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