ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
सच्चा स्वाभिमान
सच्चा स्वाभिमान गरीबी, दरिंदगी, संत्रास को ओढ़े हुएफ़टी हुई चादर को समेटे हुएबीवी की लटें बिखरी हैंक्योंकि आड़े में स्वाभिमान हैऔर उसका कुछ अलग ही नाम है बड़े नादाँ हैंपूर्णतया अनजान हैंइससे अनभिज्ञ किउद्यमशीलता पाप नहींबल्कि एक छोटी उड़ान हैअपने आशियाने को सजाने कीउलझी लटों कोसँवारने कीक्योंकि उन्हीं के कदमों में आसमा ...
कविता एक दो : ज्योत्स्ना शर्मा
कविता एक दो : ज्योत्स्ना शर्मा एक सृष्टि का आधार बेटियाँ विधना का उपहार नेह की निर्मल सी धारा सींचतीं मन-उपवन साराइन्हीं से हरा-भरा जीवन-स्वर्ग से भी लगता प्यारा खिलें, ज्यों ख़ुशियों की कलियाँ महकातीं संसार यूँ कोमल तितलियों सी हैंजो बरसें, बदलियों सी हैं क़यामत हैं अँधेरों कीजो चमकें बिजलियों सी हैं ये चिठिय ...
वो जो चल दिए असमंजस में हो सांझ ढल गई
वो जो चल दिए असमंजस में हो सांझ ढल गई वो जो चल दिए वो जो चल दिएअपने सफर पर तनहामेरी लिए एक पल रुकना न मिल सकी उन्हें पनहा दीपक उजाले के खातिर अंधेरों से भिडेराह में साथी मिलेहाथों में सितारे लिये रोशनी का जिस क्षणनामोनिशां न होगामेरी आँखों से देखना उजाला हर जहां होगा मत दुश्मनी रखोखुद से टूट जायेंगे हमसमेटने को बहुत ...
याद रहेंगे प्राण शर्मा
याद रहेंगे प्राण शर्मा प्राण शर्मा के कृतित्व को अगर समग्रता में देखें तो उसका मूल इंसानी रिश्तों की पड़ताल है। उनकी कृतियों से ज़ाहिर होता है कि इस पड़ताल की शुरूआत वह अपने आप से करते हैं।ख़ामोशियाँ भी चाहिए कुछ तो कभी कभी सीखा हूँ एक बात ये भी ज़िन्दगी से मैं ललत (ललित) जी, क्या हाल है, गहरे पंजाबी लहजे में गरजती हुई ये आवाज ...
युवा पीढ़ी के मददगार
युवा पीढ़ी के मददगार ब्रिटेन निवासी, वरिष्ठतम साहित्यकार, श्री प्राण शर्मा का विगत 24 अप्रैल को, कॉवेनट्री के अस्पताल में चेस्ट इंफेक्शन और पक्षाघात के कारण निधन हो गया। प्राण शर्मा जी का जाना ब्रिटेन के साहित्यिक समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ब्रिटेन में न जाने कितनों को उन्होंने ग़ज़ल लिखना सिखाया है। बिना किसी स्व ...
प्राण जी, मैं अनल बोल रहा हूँ
प्राण जी, मैं अनल बोल रहा हूँ विगत माह प्राण जी का निधन हो गया। उनका जाना एक बड़ी क्षति है। उनका ब्रिटेन के साहित्यिक परिदृश्य में क्या महत्व है मैंने वर्ष 2006 में लिखे एक लेख में विश्वेषण करने का प्रयास किया था। प्रस्तुत है प्रवासी टुडे के दिसंबर 2006 के अंक में प्रकाशित यह लघु लेख - उनका जाना परिवार के बड़े का जाना है। मेरी विन ...
अनुवाद की चुनौतियां
अनुवाद की चुनौतियां भाषा हमारे जीवन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। यह मनुष्यों के बीच आपसी संवाद का मूलभूत माध्यम है। भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन भाषा-विज्ञान कहलाता है। भाषा के उद्देश्य आंतरिक विचारों व भावनाओं को व्यक्त करना, जटिल व गूढ़ विषयों को समझना, दूसरों के साथ संवाद स्थापित करना, अपनी इच्छाओं व आवश्य ...
अनुवाद की समस्या
अनुवाद की समस्या अनुवाद एक अत्यंत कठिन दायित्व है। रचनाकार किसी एक भाषा में सर्जना करता है, जबकि अनुवादक को एक ही समय में दो भिन्न भाषा और परिवेश/वातावरण को साधना होता है। परिवेश और वातावरण पर बल देते हुए राधाकृष्णन ने गीता के अनुवाद के बहाने कहा था- "गीता के किसी भी अनुवाद में वह प्रभाव और चारुता नहीं आ सकती, जो मू ...
एक अनुवाद ही तो है जीवन
एक अनुवाद ही तो है जीवन हालाँकि अधिसंख्य जीव मूल प्रवृत्तियों से संचालित जीवन मात्र ही जीते हैं लेकिन चिंतनशील जीव की यात्रा विचारों से शब्दों में होती हुई कर्म तक जाती है। इस प्रकार शब्द विचारों का अनुवाद हैं तो कर्म शब्दों का अनुवाद है। एक सार्थक जीवन मन-वचन-कर्म की एकता का निरंतर परावर्तन है। यदि आध्यात्मिक होना चाहें त ...
मुझसे कह कर तो जाते
मुझसे कह कर तो जाते जीवन में ऐसे क्षण कभी-कभी ही आते हैं जब ऐसी तृप्ति महसूस होती है, बड़ी तृप्ति। छोटी-छोटी तृप्तियों की तो गिनती करना भी संभव नहीं हो पाता जो रोज़ ही महसूस होती हैं। जैसे बढ़िया चाय पीने के बाद के हाव-भाव हों या फिर गुलाबजामुन के मुँह में जाने के बाद शरीर के हर अंग की मुस्कान हो या फिर दाल-चावल और पापड़ ख ...
बस यह शादी किसी तरह से गुज़र जाए
बस यह शादी किसी तरह से गुज़र जाए तो यह बेटी की शादी करने वाली माँ का हाल है। शादी जल्द ही होने वाली है। लेकिन क्या भारतीय माँ का भी यह हाल है? मैंने अधिकांश जीवन भारत में गुज़ारा, फिर भी चेक माँ हूँ, क्या करूँ।वह किसका ख़याल था, लड़की को पढ़ाई के लिए प्राग भेजना? उसका अपना? मेरा? पति का? न जाने क्यों हम सब सहमत हुए। माया को बड़ी खुशी हु ...
"द" से देश पर "न" से निबंध
भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की अस्सी प्रतिशत जनता गाँवों में रहती है। गाँव के लोग बहुत खुशहाल रहते हैं। भारत के गांव प्राकृतिक सौंदर्य से भरे पूरे होते हैं - हरियाली से सजे हुए, शांति से परिपूर्ण। वहाँ स्वच्छ, ठंडा पानी प्रदूषण से विहीन होता है। वहां की शुद्ध हवा में कोई बीमार नहीं पड़ता। गाँव क ...
जर्मन से हिंदी में अनुवाद : इतिहास व सवाल
जर्मन से हिंदी में अनुवाद : इतिहास व सवाल जर्मन भाषा में भारतीय रचनाओं के अनुवाद का क्रम कई शताब्दियों पुराना है, वहीं जर्मन साहित्य का हिन्दी रूपांतरण भी 20वीं सदी से निरंतर जारी है। योहन वोल्फगांग फॉन गोएथे की महान रचना "फाउस्ट" को 1930 के दशक में पहली बार अनूदित किया गया था और वह भी मूल जर्मन से, हालाँकि अनुवादक पंडित भोलानाथ शर्मा ने लि ...
रमेश बक्षी उसे लेखक होने ने मारा (इस लेख में रमेश बक्षी के लेखन का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ है।)
रमेश बक्षी उसे लेखक होने ने मारा (इस लेख में रमेश बक्षी के लेखन का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ है।) 28-29 मार्च, "92 को केंद्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा "साहित्यिक पत्रकारिता : अस्तित्व का संकट" विषय पर आयोजित गोष्ठियों में एकदम सूख कर काँटा हुए रमेश बक्षी को देखते ही लगा था कि उनके कदम महाप्रयाण पथ पर बढ़ चुके हैं और उनका शरीर धीरे-धीरे घट कर शून्य में विलीन होने जा रहा है। उस कृशकाय व्यक्ति के मुं ...
ओ आषाढ़ के काले बादल
ओ आषाढ़ के काले बादल प्रिये! आया ग्रीष्म खरतर!सूर्य भीषण हो गया अब, चन्द्रमा स्पृहणीय सुन्दर,कर दिए हैं रिक्त सारे वारिसंचय स्नान कर कर,रम्य सुखकर सांध्यवेला शान्ति देती है मनोहर,शान्त मन्मथ का हुआ है वेग अपने आप बुझ कर,दीर्घ तप्त निदाघ देखो, छा गया कैसा अवनि पर,प्रिये! आया ग्रीष्म खरतर!ये पंक्तियाँ महाकवि कालिदास कृत " ...
अमेरिका में औरतों की दशा
अमेरिका में औरतों की दशा रोवन पोप के ये वाक्य एक खड़े हुए विमान से गूँजे, स्पीकर से बाहर आए और मेरे दिल को छू गए। "तुमको आदमी से दुगना बेहतर होना पड़ेगा, उनके आधे तक पहुँचने के लिए।" रोवन पोप अमेरिकन टेलीविज़न ड्रामा में काम करते हैं। ड्रामा का नाम "स्कैंडल" है। हालांकि रोवन कल्पित व्यक्ति है, परन्तु उनका संदेश बिलकुल सत्य है। ...
अविस्मरणीय डॉ. राम चौधरी
अविस्मरणीय डॉ. राम चौधरी त्यागमूर्ति डॉ. राम चौधरी के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है। उनका जीवन एक महान् शिक्षाविद् का जीवन था जो अपने विश्व विद्यालय की चार दीवारों के बाहर अमेरिका के प्रवासी भारतीय समाज में और भारत में भी विस्तृत था। वे अपने पेशे से न्यूयॉर्क प्रदेश के आस्वीगो नगर में स्थित स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयार्क ...
पोर्टरिको में मेरी पहली यात्रा
पोर्टरिको में मेरी पहली यात्रा दो हजार सत्रह की सर्दी में मुझे एक मिशन ट्रिप पर पोर्टरिको जाने का अवसर मिला। वहाँ कुछ महीने पहले समुद्री तूफ़ान ने तबाही मचायी थी। हम समुद्री तूफ़ान के बाद पोर्टरिको निवासियों की मदद करने गए। मुझे इस ट्रिप के बारे में एक दोस्त से मालूम हुआ और इस ट्रिप के लिए मैं बहुत उत्साहित था, क्योंकि मुझे पसंद है ...
जीवन एक अनुवाद है
जीवन एक अनुवाद है हमने यह कह तो दिया कि जीवन एक अनुवाद है और अनुभव में भी यही आता है कि जीवन एक अनुवाद से ज्यादा कुछ नहीं। एक सहज प्रश्न उठेगा कि जीवन किसका अनुवाद है। आमतौर पर संसार के जो तीन-चार प्रमुख धर्म हैं वे तो यही कहेंगे कि जीवन ईश्वर का अनुवाद है। तब फिर यह विचार करना होगा कि ईश्वर स्वयं एक कृति है और उस कृ ...
माधव हम परिणाम निरासा
माधव हम परिणाम निरासा इस सदी में तमाम तरह के स्वप्न देखती दुनिया में मिथिला के कवि विद्यापति की याद आ रही है। देखो तो माधव के प्रेम में पगी राधा की देह में कैसी प्रलय मची हुई है। लगभग उत्सव में डूबी यह आधुनिक दुनिया कैसे अपने अवसान की ढलान उतरती जा रही है, अगर यह जानना है तो राधा की अनुभवभूमि पर हो रहे युग के अवसान की ओर ...
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