ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
कविता (5)
पचमढ़ी : एक शब्द चित्र
01-Mar-2017 11:56 PM 730 पचमढ़ी : एक शब्द चित्र

विन्ध्य की अंतिम हद को छूकर बहती,
पवित्र नर्मदा की अथाह जलराशि के पार,
सतपुड़ा की सुरम्य पहाड़ियों पर,
प्रकृति की अलौकिक छटाओं के बीच बसी-
सलोनी पचमढ़ी!

घुमावदार पहाड़ी र


डॉ. अर्चना मिश्रा Author : डॉ. अर्चना मिश्रा,
हिंदी भाषा अपनी बोली
01-Mar-2017 11:53 PM 699 हिंदी भाषा  अपनी बोली

हिंदी भाषा

गूँजे हिंदी भाषा मन में
मुरली बजे ज्यों वृंदावन में

हिंदी भाषा के मतवाले
इसको तन-मन से सुनते हैं
इसके सारे भक्त निराले
इसके सपने ही बुनते ह


प्राण शर्मा Author : प्राण शर्मा, UK
रिश्ते
01-Mar-2017 11:49 PM 707 रिश्ते

रिश्तों की रंग-बिरंगी कतरनें
रखी हैं संजो कर मैंने।
ये रिश्ते आम हैं, कोई खास नहीं
इनके बनाने-बिगड़ने पर मेरा जोर नहीं।

इन नज़ाकत रिश्तों की
हिफ़ाज़त करो, तो सब है


मीरा गोयल Author : मीरा गोयल,
एक दो
01-Mar-2017 11:44 PM 703 एक दो

एक
नया रूप धरके खनकाती कंगना
रुनझुन बजाती रुपहली पायलिया
मुस्कान होठों पर सजा कर मोहनिया

जवाँ नूर चेहरे पर है दमकता
आती है सज-धज के दूर ही से लुभाती
अकेले मे


प्रेम माथुर फ़क़ीर अजमेरी Author : प्रेम माथुर फ़क़ीर अजमेरी, Australia
क्या खोया क्या पाया पतझड़ की पगलाई धूप
01-Mar-2017 11:39 PM 690 क्या खोया क्या पाया  पतझड़ की पगलाई धूप

क्या खोया क्या पाया

अनगिन तारों में इक तारा ढूँढ रहा है,
क्या खोया क्या पाया
बैठा सोच रहा मन।
 
छोटा-सा सुख मुट्ठी से गिर
फिसल गया,
खुशियों का दल हाथ


मानोशी चटर्जी Author : मानोशी चटर्जी,
अनुवाद (2)
चीन के स्स चुआन प्रान्त के लोकगीत खानतिंग का हिंदी अनुवाद
01-Mar-2017 08:24 PM 591 चीन के स्स चुआन प्रान्त के लोकगीत खानतिंग का हिंदी अनुवाद

इस गीत का यह नाम खानतिंग शहर से रखा गया है। बहुत ही सुरीला ओर मीठा गीत होने के कारण बरबस ही दिल को छू लेता है। यह लोकगीत चीन के स्स छुआन प्रान्त का है। यह न केवल स्स छुआन में बल्कि पूरे  चीन म


अनीता शर्मा Author : अनीता शर्मा, China
जाकोमो दा लेनतीनी की दो सॉनेट कविताओं का इतालवी से हिन्दी अनुवाद
01-Mar-2017 08:15 PM 596 जाकोमो दा लेनतीनी की दो सॉनेट कविताओं का इतालवी से हिन्दी अनुवाद

कविता की सॉनेट शैली का लेखन सबसे पहले दक्षिण इटली के सिसली द्वीप में तेरहवीं शताब्दी में हुआ। इसके सबसे पहले प्रयोग का श्रेय पूर्वी सिसली के लेनतीनी शहर में सन् 1210 में जन्में इतालवी कवि जाकोमो दा


डॉ. सुनील दीपक Author : डॉ. सुनील दीपक,
रम्य रचना (2)
कल-कल निनाद
01-Mar-2017 08:58 PM 604 कल-कल निनाद

आज बात मैं "कल" की करना चाह रहा था। अब आप पूछेंगे, कौन से कल की? जी हाँ, समय से संदर्भित "कल" दो प्रकार के होते हैं। क कल जो बीत गया और एक कल जो आने वाला है। जब तक पूरी बात न कह दें आप समझ ही नहीं


डॉ. सुरेन्द्र वर्मा Author : डॉ. सुरेन्द्र वर्मा, INDIA
बाज़ार से गुज़रा हूँ
01-Mar-2017 08:44 PM 596 बाज़ार से गुज़रा हूँ

जी सरकार, हमारे जैसे बिंदास बशर दुनिया में रहते तो हैं लेकिन उसके तलबगार नहीं होते। अकबर इलाहाबादी की तरह हम भी बाज़ार से गुज़रते हैं, मगर ख़रीदार भी हों ये ज़रूरी नहीं। अब भले ही हम असली ख़रीदार ना हों


सुधा दीक्षित Author : सुधा दीक्षित, INDIA
लोक-स्मृति (2)
पंजाब की लोक-कविता
01-Mar-2017 08:08 PM 554 पंजाब की लोक-कविता

लोकगीत उन्मुक्त मन की भाव लहरिया हैं और सामाजिक परम्पराओं के लयात्मक शब्द चित्र भी। इनमें व्यक्ति मन के मूक वेदना-उल्लास भी है और समाज की रीतियों-कुरीतियों का समर्थन-विद्रोह भी। लोकगीत कुंठामुक्त स


डॉ. मधु सन्धु Author : डॉ. मधु सन्धु, INDIA
लोक का आँगन
01-Mar-2017 08:03 PM 562 लोक का आँगन

लोक अनंत भी है और आँगन भी। वह अनन्त को आँगन में उतार लेता है और घर के आँगन से ही अनंत की यात्रा करता है। लोक में ही यह शक्ति है कि वह आवाहन न जानते हुये भी सारे देवताओं को एक छोटा-सा चौक पूरकर उसमे


ध्रुव शुक्ल Author : ध्रुव शुक्ल, INDIA
लोक-कवि (1)
मूक दर्द की चीत्कार का लोककवि छज्जुलाल सिलाणा
01-Mar-2017 08:27 PM 569 मूक दर्द की चीत्कार का लोककवि छज्जुलाल सिलाणा

त्रोता युग म्हं शंबूक संग घणा, मोटा जुल्म कमाया था
रैदास, कबीर, भक्त चेता पै जाति आरोप लगाया था
गुरु वाल्मीक, सबरी भीलणी नैं चमत्कार दिखलाया था
कांशी म्हं कालिया भंगी ने हरिचंद का धर


सपना मांगलिक Author : सपना मांगलिक, INDIA
विमर्श (1)
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15पञ्चवटी
01-Mar-2017 08:41 PM 619 वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15पञ्चवटी

चारू चन्द्र की चंचल किरणें, खेल रही है जल थल में, स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई थी अवनि और अंबर तल में - राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त यह लिखकर अमर हो गये। पञ्चवटी की शुरुआत हुई वाल्मीकि से। वाल्मीकि के भौगो


डॉ. विजय मिश्र Author : डॉ. विजय मिश्र, INDIA
ग़ज़ल (1)
क्यूँ मुझे बार-बार दिखता है उसकी आँखों में प्यार दिखता है
01-Mar-2017 12:01 AM 580 क्यूँ मुझे बार-बार दिखता है  उसकी आँखों में प्यार दिखता है

एक

क्यूँ मुझे बार-बार दिखता है
उसकी आँखों में प्यार दिखता है

उसको पाने की चाह में देखो
हर कोई बेक़रार दिखता है

क्या छुपाता है मेरी नज़रों से
अब मुझे


सुनीता काम्बोज Author : सुनीता काम्बोज, INDIA
सम्पादकीय (1)
लोक-बोली के निहितार्थ
01-Mar-2017 07:58 PM 613 लोक-बोली के निहितार्थ

भारत में लोक शब्द बहुअर्थी है। यहां की पुराण कथाओं में चौदह लोकों की परिकल्पना की गई है। जिनमें पृथ्वी, आकाश और पाताल लोक भी शामिल हैं। लोक का एक अर्थ उस व्यापक बहुरंगी जीवन से भी है जिसकी सदियों प


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
कहानी (1)
नागोबा डुलाय लागला...
01-Mar-2017 11:36 PM 620 नागोबा डुलाय लागला...

बिल्कुल वही है। खाल के ऊपर रेंगता है। वही है। मैं भी तो वही हूँ। बैठा भी वहीं हूँ आज तक। तुम जबसे गयीं, निपट अकेला हूँ। वही शनिवार, वही तीसरा पहर, वही अड्डा, वही बेंच। वही आवाज़ें : तिकीट, तिकीट, ति


अनुराग शर्मा Author : अनुराग शर्मा, America
शायरी की बात (1)
तुम साथ हो तो घर की कमी फिर नहीं खलती
01-Mar-2017 12:11 AM 640 तुम साथ हो तो घर की कमी फिर नहीं खलती

कविता एक कोशिश करती है जीवन का चित्र बनाने की। अवनीश कुमार की किताब पत्तों पर पाजेब ऐसी ही एक कोशिश है। आजकल ग़ज़लें थोक के भाव लिखी जा रही हैं और छप भी रही हैं। अमूमन हरेक पत्रिका में एक आध ग़ज़ल का प


नीरज गोस्वामी Author : नीरज गोस्वामी ,
जन्नत की हकीकत (1)
लोक मतलब सामूहिकता और समानता
01-Mar-2017 08:34 PM 601 लोक मतलब सामूहिकता और समानता

सन् दो हजार में पहली बार अमरीका जाना हुआ। अमरीकी राज्य ज्योर्जिया की राजधानी अटलांटा की धरती पर पाँव रखते ही एक रोमांच-सा हुआ। 1965 में अमरीका में गोरे अमरीकियों के गुलाम रह चुके अफ़्रीकी मूल की नीग


रमेश जोशी Author : रमेश जोशी, USA
शिकागो की डायरी (1)
ज्ञान का अद्भुत भंडार
01-Mar-2017 08:38 PM 583 ज्ञान का अद्भुत भंडार

पुस्तकालय की आदत बचपन में मम्मी-पापा ने लगायी थी। तब इतनी समझ नहीं थी। छोटी-छोटी किताबें जैसे चम्पक, चकमक पढ़कर और लकड़ी के हाथी, घोड़ा खिलौने खेलकर आ जाया करते थे एकलव्य जैसी शहर की लाइब्रेरी से। पर


अपर्णा राय Author : अपर्णा राय, USA
बातचीत (1)
बर्लिन में भारतीय राजदूत श्री गुरजीत सिंह से शिक्षाविद् डॉ. राम प्रसाद भट्ट की बातचीत
01-Mar-2017 09:03 PM 595 बर्लिन में भारतीय राजदूत श्री गुरजीत सिंह से शिक्षाविद् डॉ. राम प्रसाद भट्ट की बातचीत

बर्लिन में भारत के राजदूत श्री गुरजीत सिंह 1980 से भारतीय विदेश विभाग में कार्यरत हैं। आपने मेयो कॉलेज अजमेर, ज़ेवियर कॉलेज, कोलकत्ता और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की। जे


डॉ. राम प्रसाद भट्ट Author : डॉ. राम प्रसाद भट्ट,
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