ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
निबंध-स्मृति (6)
पूर्व और पश्चिम
01-Oct-2016 12:00 AM 2544 पूर्व और पश्चिम

मैं अपनी बात एक स्मृति से आरंभ करना चाहूँगा। कुछ वर्ष पहले मुझे एक सम्मेलन में कोलोन जाने का अवसर मिला था। बात 1982 या 83 की है, जब एक ओर पश्चिम और दूसरी ओर सोवियत संघ के बीच तनाव चरमोत्कर्ष पर था।


निर्मल वर्मा Author : निर्मल वर्मा , India
भीष्म को क्षमा नहीं किया गया
01-Oct-2016 12:00 AM 2558 भीष्म को क्षमा नहीं किया गया

मेरे एक मित्र हैं, बड़े विद्वान, स्पष्टवादी और नीतिमान। वह इस राज्य के बहुत प्रतिष्ठित नागरिक हैं। उनसे मिलने से सदा नई स्फूर्ति मिलती है। यद्यपि वह अवस्था में मुझसे छोटे हैं, तथापि मुझे सदा सम्मान


आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी Author : आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी, India
भारतीयता
01-Oct-2016 12:00 AM 2543 भारतीयता

भारत की आत्मा सनातन है, भारतीयता केवल एक भौगोलिक परिवृत्ति की छाप नहीं, एक विशिष्ट आध्यात्मिक गुण है, जो भारतीय को सारे संसार से पृथक करता है। भारतीयता मानवीयता का निचोड़ है, उस की हृदय मणि है, उस क


सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय Author : सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय, INDIA
भय
01-Oct-2016 12:00 AM 2572 भय

किसी आती हुई आपदा की भावना या दुख के कारण के साक्षात्कार से जो एक प्रकार का आवेगपूर्ण अथवा स्तंभ-कारक मनोविकार होता है उसी को भय कहते हैं। क्रोध दुख के कारण पर प्रभाव डालने के लिए आकुल करता है और भ


आचार्य रामचंद्र शुक्ल Author : आचार्य रामचंद्र शुक्ल, INDIA
सोना हिरनी
01-Oct-2016 12:00 AM 2560 सोना हिरनी

सोना की आज अचानक स्मृति हो आने का कारण है। मेरे परिचित स्वर्गीय डाक्टर धीरेन्द्र नाथ वसु की पौत्री सस्मिता ने लिखा है : "गत वर्ष अपने पड़ोसी से मुझे एक हिरन मिला था। बीते कुछ महीनों में हम उससे बहुत


महादेवी वर्मा Author : महादेवी वर्मा, INDIA
भाषा बहता नीर
01-Oct-2016 12:00 AM 2563 भाषा बहता नीर

भाषा बहता नीर। भाषा एक प्रवाहमान नदी। भाषा बहता हुआ जल। बात बावन तोले पाव रत्ती सही। कबीर की कही हुई है तो सही होनी ही चाहिए। कबीर थे बड़े दबंग और उनका दिल बड़ा साफ था। अतः इस बात के पीछे उनके दिल की


कुबेरनाथ राय Author : कुबेरनाथ राय, INDIA
मन की बात (3)
सच्चे मित्र हैं पुस्तकालय
01-Oct-2016 12:00 AM 2571 सच्चे मित्र हैं पुस्तकालय

विदेश पहुंचने के पश्चात अक्सर प्रवासियों को अपने देश की याद सताती है। मुझे भी अमेरिका पहुंचने के बाद भारत की बहुत याद आती थी, लेकिन एक चीज़ जिसने उदास होने से बचाये रखा वे थे अमेरिका के पुस्तकालय। व


उमेश अग्निहोत्री Author : उमेश अग्निहोत्री, US
तू मेरी पीठ खुजायेगा मैं तेरी पीठ खुजाऊँगा
01-Oct-2016 12:00 AM 2536 तू मेरी पीठ खुजायेगा मैं तेरी पीठ खुजाऊँगा

यह बात सही है कि हिंदी में अच्छे लेखकों की कमी नहीं, कमी है तो पाठकों की। दरअस्ल पाठकों की कमी का एक कारण ख़ुद लेखक ही हैं। लेखकों के कई खेमें हैं, खेमों में बंटे होने से लेखक अपने खेमे के लेखक की र


प्राण शर्मा Author : प्राण शर्मा, UK
विदेश में देश
01-Oct-2016 12:00 AM 2541 विदेश में देश

देश से बाहर निकले करीब उन्नीस साल हो गए लेकिन इन उन्नीस वर्षों में से शुरू के लगभग तेरह वर्ष ऐसे थे, जिनमें हर दिन, हर पल अपने देश लौट जाने की चाह थी। उन्हीं, पीछे छूटी, भीड़-भाड़ वाली गलियों और चौरा


विनीता तिवारी Author : विनीता तिवारी, America
कविता (3)
पुत्र के नाम
01-Oct-2016 12:00 AM 2549 पुत्र के नाम

मेरी मौत एक दिन
कागज का टुकड़ा
बन कर
तुम तक पहुंचेगी...
 
तुम शून्य में ताक कर
एक बारगी
बस रंगहीन होगे
और पल भर में
कागज का टुकड़ा
मरोड़ कर


सुदर्शन प्रियदर्शिनी Author : सुदर्शन प्रियदर्शिनी, America
वह एक कमज़ोर औरत
01-Oct-2016 12:00 AM 2547 वह एक कमज़ोर औरत

            वह एक कमज़ोर औरत थी  
            जिसने बेटे को जीवनधन समझा


कादम्बरी मेहरा Author : कादम्बरी मेहरा, INDIA
हां, मैं कवि हूं इस देश का....
01-Oct-2016 12:00 AM 2538 हां, मैं कवि हूं इस देश का....

हां, मैं कवि हूं।
मैं कवि हूं इस क्षेत्र का
कहलाता हूं ऊंची नाक वाला
समझता हूं समस्याएं
अपने क्षेत्र की
यहां के निवासियों का दर्द
मेरा दर्द है।
हैरो की ज़मीन मेरी


तेजेन्दर शर्मा Author : तेजेन्दर शर्मा, UK
स्मरण (2)
साबरमती के तट पर
01-Oct-2016 12:00 AM 2576 साबरमती के तट पर

साबरमती नदी के तट को सीमेंट का बना दिया गया है। दूर से देखने पर अब वह पेरिस की सेन नदी के तट की फूहड़ आकृति जान पड़ता है। साबरमती के ही तट पर गांधी आश्रम, जिसे "साबरमती आश्रम"  नाम से जाना जाता


उदयन वाजपेयी Author : उदयन वाजपेयी, INDIA
महात्मा गांधी चरित स्वयं ही काव्य
01-Oct-2016 12:00 AM 2583 महात्मा गांधी चरित स्वयं ही काव्य

भारत के हृदय प्रदेश के उज्जयिनी नगर निवासी यशस्वी कवि श्री शिवमंगल सिंह "सुमन" की नोटबुक में पण्डित नेहरू ने, 1954 में यह वाक्य लिख दिया था- "अपने जीवन को कविता बनाना चाहिये"।
1989 में जब पूरे


ध्रुव शुक्ल Author : ध्रुव शुक्ल, INDIA
सम्पादकीय (1)
निबंध गद्य की कसौटी है...
01-Oct-2016 12:00 AM 2551 निबंध गद्य की कसौटी है...

हिंदी में निबंध उन्नीसवीं सदी के उदारतावादी युग में उपजा है। क्योंकि उस समय वैचारिक स्वाधीनता ही मनुष्य की पहली प्रतिज्ञा थी। स्वाधीनता के साथ वैचारिक सहिष्णुता भी अपने आप आती है। विचार प्रतिपादन क


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
तथ्य (1)
प्रवासी जीवन पर पहली कहानी शूद्रा
01-Oct-2016 12:00 AM 2564 प्रवासी जीवन पर पहली कहानी शूद्रा

प्रेमचंद हिन्दी कहानी के इतिहास में अनेक नये विषयों, सम्वेदनाओं एवं प्रवृत्तियों के उद्भावक थे। उन्होंने हिन्दी-उर्दू कहानी को आधुनिक बनाया, कहानी का नया शास्त्र दिया, उर्दू से हिन्दी में आकर नवोन्


डॉ. कमल किशोर गोयनका Author : डॉ. कमल किशोर गोयनका, INDIA
शायरी की बात (1)
थोड़ी-सी मोहब्बत भी ज़रूरी है जिगर में
01-Oct-2016 12:00 AM 2581 थोड़ी-सी मोहब्बत भी ज़रूरी है जिगर में

शायर जनाब दिनेश ठाकुर की किताब परछाइयों के शहर में के बकमाल शेरों पर नज़र डालें :
कभी तुम जड़ पकड़ते हो
कभी शाखों को गिनते हो
हवा से पूछ लो न
ये शजर कितना पुराना है
समय ठहरा


नीरज गोस्वामी Author : नीरज गोस्वामी ,
जन्नत की हकीकत (1)
भय का व्यवसाय
01-Oct-2016 12:00 AM 2550 भय का व्यवसाय

दवा कंपनियों से मिलकर डॉक्टर तरह-तरह की बीमारियों से डराते रहते हैं। स्वाइन फ्लू का डर भी इसी योजना का एक भाग था। अमरीका में भी स्वाइन फ्लू से ज्यादा लोग साधारण फ्लू से हर वर्ष मरते हैं। भारत में भ


रमेश जोशी Author : रमेश जोशी, USA
शिकागो की डायरी (1)
समाजसेवा के आधुनिक आयाम
01-Oct-2016 12:00 AM 2518 समाजसेवा के आधुनिक आयाम

सिम्पली वैदिक (च्त्थ्र्द्रथ्न्र् ज्ड्ढड्डत्ड़) जैसा कि नाम से ही उजागर होता है कि "सिंपल लाइफ हाई थिंकिंग।" ऐसी सोच ही इस फाउंडेशन की नींव है। इसी ऊँची सोच के साथ श्रीमती सरिता और श्रीमान नवीन शर्मा


अपर्णा राय Author : अपर्णा राय, USA
बातचीत (1)
प्रख्यात साहित्यकार डॉ. सुधाकर अदीब से राजू मिश्र की बातचीत
01-Oct-2016 12:00 AM 2460 प्रख्यात साहित्यकार डॉ. सुधाकर अदीब से राजू मिश्र की बातचीत

किताब बचेगी तो ही भाषा बचेगी सुधाकर अदीब की पैदाइश उसी अयोध्या में है जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। सरकारी चाकरी के बीच साहित्य सृजन बड़ी बात होती है, लेकिन उन्होंने समय निकालकर


राजू मिश्र Author : राजू मिश्र, INDIA
कहानी (1)
स्विमिंग पूल
01-Oct-2016 12:00 AM 3012 स्विमिंग पूल

आज मैं निÏश्चत थी एकदम। उसे मैंने पूल से बाहर निकलते देखा तो एकदम चैन आ गया कि अब आराम से जब भी चाहेगा तो निकल जाऊंगी। वर्ना यही सिर पर भूत की तरह सवार हो जाता कि कहीं ऐसा न हो कि जब मैं बाहर


सुषम बेदी Author : सुषम बेदी, America
नीदरलैंड की डायरी (1)
डच केरमिस बनाम मेला
01-Oct-2016 12:00 AM 2435 डच केरमिस बनाम मेला

मेला मानवीय संस्कृति का सजग प्रतिनिधि है। मनुष्यता के संरक्षण का विलक्षण पहरुआ है। "मेला" शब्द में सामूहिकता की जीवंत संस्कृति समाहित है। मेले के स्थल पर सभी वर्ग, जाति, धर्म, देश और भाषा के लोग एक


प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी Author : प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी, Netherlands
रम्य रचना (1)
हिंदी की चिंदी
01-Oct-2016 12:00 AM 2573 हिंदी की चिंदी

काले बालों वाली के आते ही तू मुझे भूल जायेगा, हिंदुस्तानी मायें अक्सर यह विलाप करती हैं। सही करती हैं। बहू के आते ही माँ पिछली सीट (डठ्ठड़त्त् डद्वद्धदड्ढद्ध) पर भेज दी जाती है। हमेशा ऐसा नहीं होता


सुधा दीक्षित Author : सुधा दीक्षित, INDIA
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