ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
आवरण (2)
गुरु गाँव से गुड़गाँवा तक
01-Mar-2016 12:00 AM 93 गुरु गाँव से गुड़गाँवा तक

जब भी बहिन के यहाँ गया हूँ, पालम विहार मोड़ पर खड़े हो-हो कर उँगलियों के बीच करीने से नोटें दबाए आरटीवी के कंडक्टर "गुड़गाँवा-गुड़गाँवा' चिल्लाते हुए मुझे बहुत आकर्षित करते रहे हैं। ये ठेठ भाषा में बात


डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा Author : डॉ. गंगा प्रसाद शर्मा, CHINA
गुड़गांंव : खूबियों से घनीभूत शहर
01-Mar-2016 12:00 AM 33 गुड़गांंव : खूबियों से घनीभूत शहर

एक खूबी हो तो गिना दें। गुड़गांंव अनेकानेक खूबियों से घनीभूत शहर है। कदम-कदम पर यहां विदेशी सरजमी सा अहसास होता है। नेशनल हाई-वे संख्या आठ से जो लोग कुछ साल पहले गुजरे होंगे, उन्हें सिंगापुर की तर्ज


राजू मिश्र Author : राजू मिश्र, INDIA
रम्य रचना (2)
चल सन्यासी मंदिर में
01-Mar-2016 12:00 AM 200 चल सन्यासी मंदिर में

साहबान! सन्यासी या तो मंदिर में जायेगा या जंगल में। ग़लत! डार्विन के अनुसार जब बन्दर ड्ढध्दृथ्ध्ड्ढ होकर इंसान बन सकता है तो साधु व्यापारी क्यों नहीं बन सकता? बन सकता नहीं हुज़ूर बन चुका है। सुना नही


सुधा दीक्षित Author : सुधा दीक्षित, INDIA
महिला दिवस और फ्रेंच टोस्ट
01-Mar-2016 12:00 AM 202 महिला दिवस और फ्रेंच टोस्ट

वह महिला दिवस की खुशनुमा सुबह थी। यानी पूरी तरह अपनी, सिर्फ एक महिला की सुबह। इस सुबह में किसी पुरुष का हस्तक्षेप बिलकुल नहीं था। (क्योंकि पुरुष अभी सो रहा था)। मुझे सारा संसार महिलामय दृष्टिगत हो


सूर्यबाला Author : सूर्यबाला, INDIA
कविता (2)
नदी-सी मैं
01-Mar-2016 12:00 AM 125 नदी-सी मैं


बाँहें फैलाए
स्वागत को आतुर
प्रतिक्षाकुल तुम
समो लेते हो मुझे...

बेकल मैं भी
समरस होने को
पनीली देह लिए
मीलों मील चली... अतृप्त

भेदकर चट्


नीलम दीक्षित Author : नीलम दीक्षित, INDIA
तीर की छलांग
01-Mar-2016 12:00 AM 126 तीर की छलांग

प्रिय भाई,
आज जा रहा हूँ, तुमसे दूर
तुम्हारी नसीहत से दूर
बहुत दूर, जहाँ नहीं पहुँचेंगी
तुम्हारी आकांक्षाओं की किरण।
स्वयं में बांध कर
बहुत जी चुका मैं,
आज के


डॉ. एल.के. वमा Author : डॉ. एल.के. वमा, INDIA
अनुवाद (2)
नई विश्व सभ्यता
01-Mar-2016 12:00 AM 193 नई विश्व सभ्यता

मनुष्य हर जगह एक ही हैं और सबों के महानतम मूल्य एक समान होते हैं। उनके बीच फर्क, जो तयशुदा तौर अर्थपूर्ण होते हैं, का सरोकार बाहरी, अस्थायी सामाजिक हालात से रहता है तथा उन हालात के साथ ही बदलता रहत


गंगानंद झा Author : गंगानंद झा,
जीवनशैली प्रबंधन भाग : दा
01-Mar-2016 12:00 AM 134 जीवनशैली प्रबंधन भाग : दा

क्रोध पर नियंत्रण कैसे करें?
अंग्रेजी का शब्द 'ठ्ठदढ़ड्ढद्ध' (क्रोध)  इस भाषा के एक अन्य शब्द 'ड्डठ्ठदढ़ड्ढद्ध' (खतरा) से मात्र एक अक्षर 'ड्ड' हटा देने से बन जाता है। सचमुच 'ठ्ठदढ़ड्ढद्ध' या


बी.मरिया कुमार Author : बी.मरिया कुमार,
सम्पादकीय (1)
स्मृति चारण
01-Mar-2016 12:00 AM 176 स्मृति चारण

जीवन के कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जिनकी हम व्याख्या नहीं कर पाते। मैं मात्र बीस महीनों के लिए ईशान भारत के असम राज्य के सिलचर में रहा था। यह बात करीब छप्पन साल पहले की है। वहाँ के लोगों से अप्रत्याशित


गंगानंद झा Author : गंगानंद झा,
मुद्दा (1)
हिन्दी और आंचलिक भाषाओं की सच्चाइ
01-Mar-2016 12:00 AM 429 हिन्दी और आंचलिक भाषाओं की सच्चाइ

भाषा वस्तुतः किसी भूभाग के जन की भावनाओं, जन की मनोदशा, जन के मूलभूत आचरण, जन की उच्चारण क्षमता तथा उच्चारण ग्राह्रता के सापेक्ष संप्रेषण की कुल शाब्दिक सुव्यवस्था का परिपालन हुआ करती है। इस परिप्र


सौरभ पाण्डेय Author : सौरभ पाण्डेय, INDIA
तथ्य (1)
विदेशी छात्रों की कारकपरक त्रुटिया
01-Mar-2016 12:00 AM 170 विदेशी छात्रों की कारकपरक त्रुटिया

विदेशी छात्र एवं छात्राएं हिंदी सीखने के लिए भारत आते हैं अथवा अपने ही देश में हिंदी सीखते हैं, उनकी सीमाएं और शक्तियां भिन्न प्रकार की होती हैं। प्रत्येक छात्र अपने देश की भाषा की संरचना के अनुसार


डॉ. बागेश्री चक्रधर Author : डॉ. बागेश्री चक्रधर, INDIA
परम्परा (1)
सूफी नृत्य की रूहानी दुनिया
01-Mar-2016 12:00 AM 260 सूफी नृत्य की रूहानी दुनिया

सुफीमत से हर कोई परिचित है। परन्तु अधिकांश लोगों को इसके मर्म, उद्देश्य और सबसे महत्त्वपूर्ण और चैतन्य बोध प्राप्ति आदि का सम्भवतः पूर्ण ज्ञान न हो। सूफीमत में देखा जाए तो इस्लाम से इतर उसमें बौद्ध


मानसश्री गोपाल राज Author : मानसश्री गोपाल राज, INDIA
कम्पैक्ट फीचर (1)
सपनों को साकार करने का मिशन जारी है
01-Mar-2016 12:00 AM 137 सपनों को  साकार करने का  मिशन जारी है

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम साहब कहते थे कि नई सोच का दुस्साहस दिखाओ। हमने भी अपनी सोच को नयी दिशा दी है। हमारी आँखों में भी सुनहरे सपने तैरते हैं, जो एक न एक दिन ज़रूर ही साकार होंगे।<


Editor Author : Editor, INDIA
नजरिया (1)
बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं
01-Mar-2016 12:00 AM 149 बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं

हमारा यह समय अन्याय चीजों के लिए जाना जायेगा। मसलन बाजार के घर के कोनों तक में घुस आने के लिए, बुद्धि के तिरस्कार के लिए पुस्तकों की अवमानना के लिये, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के स्थापित होने के लिए, परम


उदयन वाजपेयी Author : उदयन वाजपेयी, INDIA
समसामयिक (1)
जेएनयू में क्या हुआ
01-Mar-2016 12:00 AM 151 जेएनयू में क्या हुआ

इंसान धरती पर तरक्की के उरूज पर पहुँच गया है। अधिकतर ग़रीब लोगों की आबादी के भारत जैसे मुल्क ने चाँद और मंगल ग्रह तक महाकाशयान पहुँचाएँ हैं। पिछली सदियों की तुलना में सारी दुनिया में लोकतांत्रिक ताक


लाल्टू Author : लाल्टू,
शायरी की बात (1)
अभी तो अपना मुझे घर तलाश करना है
01-Mar-2016 12:00 AM 256 अभी तो अपना मुझे घर तलाश करना है

शायर जनाब कुँवर "कुसुमेश' की लाजवाब ग़ज़लों की किताब "कुछ न हासिल हुआ' पढ़कर ऐसा महसूस होता है, जैसे कुछ नायाब हासिल हुआ है।
जो बड़े प्यार से मिलता है लपककर तुझसे
आदमी दिल का भी अच्छा हो वो ऐ


नीरज गोस्वामी Author : नीरज गोस्वामी ,
मन की बात (1)
हिंदी-रूसी अनुवादक बनने का स्वप्न
01-Mar-2016 12:00 AM 205 हिंदी-रूसी अनुवादक बनने का स्वप्न

मेंरा नाम अन्या शप्रान है। मेरी उम्र बीस साल की है। मैं विद्यार्थी हूँ और वि?ाविद्यालय से हिंदी भाषा में दर्शन शास्त्र सीख रही हूँ। मुझे पढ़ना बहुत पसंद है। हिंदी के अलावा मैं भारतीय साहित्य, इतिहास


अन्या शप्रान Author : अन्या शप्रान,
जन्नत की हकीकत (1)
नेक्स्ट टू गॉडलीनेस
01-Mar-2016 12:00 AM 220 नेक्स्ट टू गॉडलीनेस

सफाई के बारे में अंग्रेजी कहावत है- क्लीनली नेस इज नेक्स्ट टू गॉडलीनेस। ई?ार के बाद सफाई ही सबसे महत्त्वपूर्ण है। वैसे तो ई?ार भी सफाई पसंद करता है- मन की सफाई, विचारों की सफाई, कर्मों की सफाई, वाण


रमेश जोशी Author : रमेश जोशी, USA
शिकागो की डायरी (1)
ध्यान की बहुआयामी छटाए
01-Mar-2016 12:00 AM 172 ध्यान की बहुआयामी छटाए

ध्यान, योग, आध्यात्मिकता, इन सबके बारे में सुनना, देखना, पढ़ना, लगभग हर दूसरे तीसरे दिन हो जाता है, पर इसका व्यक्तिगत अनुभव करने का अभी तक मौका नहीं मिला था। लेकिन हाल ही में मेरे छोटे भाई-भाभी, जो


अपर्णा राय Author : अपर्णा राय, USA
स्मरण (1)
अवलोकी अज्ञेय
01-Mar-2016 12:00 AM 218 अवलोकी अज्ञेय

कवि अज्ञेय की एक कविता उद्धरित करता हूँ। इसे स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में दिल्ली की जेल में लिखा गया। यह उनकी प्रारंभिक गद्य कविताओं में शामिल है। कविता बयान के शिल्प में रची गयी है--
मैं अ


ध्रुव शुक्ल Author : ध्रुव शुक्ल, INDIA
यात्रा संस्मरण (1)
धरती पर जन्नत है मालदीव
01-Mar-2016 12:00 AM 236 धरती पर जन्नत है मालदीव

समंदर के गहरे नीले पानी में नीलम की अंगूठियों की तरह छितराए छोटे-छोटे द्वीपों की तस्वीरें जब भी देखता था तो उल्लासभरा सुकून मन में भर जाता था। भारत के दक्षिण में हिंद महासागर में मौजूद छोटे-से देश


अजय गर्ग Author : अजय गर्ग, INDIA
व्याख्या (1)
कृत सुन्दरायतना घना। चउहट्ट हट्ट सुबट्ट बीथीं चारु पुर बहु बिधि बना। गज बाजि खच्चर निकर पदचर रथ बरूथन्हि को गनै। बहुरूप निसिचर जूथ अतिबल सेन बरनत नहिं बनै।
01-Mar-2016 12:00 AM 115 कृत सुन्दरायतना घना। चउहट्ट हट्ट सुबट्ट बीथीं चारु पुर बहु बिधि बना। गज बाजि खच्चर निकर पदचर रथ बरूथन्हि को गनै। बहुरूप निसिचर जूथ अतिबल सेन बरनत नहिं बनै।

इस बिन्दु पर पहुंचकर कथा की रिद्म बदलती है। यहां तुलसी ने जैसे एक स्टेज की सेटिंग की है। कथा-लय में यह परिवर्तन साभिप्राय है। अब हनुमान जो वनचर थे, सहसा एक नगर बल्कि राजधानी से साक्षात्कृत होते हैं


मनोज कुमार श्रीवास्तव Author : मनोज कुमार श्रीवास्तव,
विमर्श (1)
अयोध्या नगरी
01-Mar-2016 12:00 AM 213 अयोध्या नगरी

रमायण ग्रन्थ की शुरुआत में ऋषि वाल्मीकि उस "आदर्श' मनुष्य की खोज के बारे में बताते हैं जो मनके चिंतन में है। उनको नारद ऋषि राम और रामायण कथा की रूपरेखा के बारे में बतलाते हैं। कहानी के नाटकीय विवरण


डॉ. विजय मिश्र Author : डॉ. विजय मिश्र, INDIA
Download PDF
NEWSFLASH

हिंदी के प्रचार-प्रसार का स्वयंसेवी मिशन। "गर्भनाल" का वितरण निःशुल्क किया जाता है। अनेक मददगारों की तरह आप भी इसे सहयोग करे।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^