ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
2016 Jul
आवरण (10)
मेघों का घर नीदरलैंड
01-Jul-2016 12:00 AM 1217 मेघों का घर नीदरलैंड

नीदरलैंड में वर्षाऋतु आती नहीं है वह सर्वदा यहीं रहती है। हमेशाा आकाशा में बिना कोलाहल किए बादलों की क्रीड़ा होती रहती है। कभी उत्तरी क्षेत्र से ठंडी हवाओं के मेघों का दल घुमड़ते हुए आता है और ठंडी ब


प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी Author : प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी, Netherlands
ऑस्ट्रेलिया में बरखा
01-Jul-2016 12:00 AM 1215 ऑस्ट्रेलिया में बरखा

लोग मुझसे मौसम के बारे में कुछ भी पूछने से कतराते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि मैं मौसम- विभाग में काम करता हूँ उन्हें आँकड़े सुना-सुना कर हलकान कर दूंगा। आँकड़े सुनाना किसी हथियार-प्रयोग में शामिल नह


हरिहर झा Author : हरिहर झा, ऑस्ट्रेलिया
शिकागो में वर्षा-बहार
01-Jul-2016 12:00 AM 1217 शिकागो में वर्षा-बहार

अमेरिका में शिकागो को यूँ तो विंडी सिटी के रूप में जाना जाता है, पर यहां हर मौसम का अलग ही रोमांचक अनुभव है। शिकागो शहर की ठण्ड की तो जैसे बात करने की ज़रूरत ही नहीं। इतनी ठण्ड की इस समय कोई भी यहां


अपर्णा राय Author : अपर्णा राय, USA
लायडन में रिमझिम बरसात
01-Jul-2016 12:00 AM 1206 लायडन में रिमझिम बरसात

नीदरलैंड्स में पिछले छह दशाकों से मौसम में काफी परिवर्तन हुआ है। पहले यहां बसंत, हेमंत, शाीत और ग्रीष्म ऋतुएं निर्धारित निशिचत समय पर होती थीं। भारत की भांति यहां वर्षाऋतु निशिचत कभी नहीं रही है। क


प्रो. मोहनकान्त गौतम Author : प्रो. मोहनकान्त गौतम,
सिआटेल में उदासीन मन-मयूर
01-Jul-2016 12:00 AM 1210 सिआटेल में उदासीन मन-मयूर

सिआटेल आने के पहले इस नगर के सौन्दर्य के विषय में सुन रखा था। सिआटेल में पहुंचते ही यहाँ की हरीतिमा ने मुग्ध कर दिया। मेरी कल्पना से भी अधिक सुन्दर है यह नगर। ऐसा लगता है मानो विधाता ने हरे रंग की


पुष्पा सक्सेना Author : पुष्पा सक्सेना, USA
लंदन में बरसात के दिन
01-Jul-2016 12:00 AM 1210 लंदन में बरसात के दिन

अक्सर कहा जाता है कि लंदन या ब्रिाटेन में वर्षाऋतु नहीं होती केवल बरसात का मौसम होता है। यहाँ जब लोग घर से निकलते हैं तो झोले में घर की चाबी, खाने का डिब्बा, ट्रेन में पढ़ने के लिए एक किताब के अलावा


ललित मोहन जोशी Author : ललित मोहन जोशी ,
इंग्लैंड की बरसातें
01-Jul-2016 12:00 AM 1225 इंग्लैंड की बरसातें

यह चुटकुला इंग्लैंड में बेहद प्रसिद्ध है कि "इंग्लैंड में बारि¶ा साल में सिर्फ दो बार होती है- जुलाई से मार्च तक और अप्रैल से जून तक।'
और यह ही क्यों इंग्लैंड में अधिकाँ¶ा चुटकुले मौ


शिखा वाष्र्णेय Author : शिखा वाष्र्णेय,
नेपरविल में बरसात की छटायें
01-Jul-2016 12:00 AM 1203 नेपरविल में बरसात की छटायें

अमेरिका में बरसात की छटा बड़ी निराली होती है। प्रकृति की
बरसाती छटा और बसंती सौन्दर्य को देख कर प्राणी कुछ
पल के लिये जीवन की उलझनों को भूल जाता है।

बरसात का मौसम हर चर-अचर को


सुप्रभा गुप्ता Author : सुप्रभा गुप्ता,
ट्रिनिडाड की बरसात में देश की यादें
01-Jul-2016 12:00 AM 1204 ट्रिनिडाड की बरसात में देश की यादें

बरसात का मौसम हमेशाा ही मन में रोमांच पैदा करने वाला होता है। ट्रिनिडाड और टोबेगो में बरसात का मौसम जून से दिसम्बर तक छह महीनों का होता है। यहाँ पर बरसात अपने उत्तर भारत की तरह सिर्फ जुलाई से अगस्त


श्रीमती आशा मोर Author : श्रीमती आशा मोर,
बहरीन में वर्षा
01-Jul-2016 12:00 AM 1207 बहरीन में वर्षा

बहरीन का अरबी नाम है- मुम्लिकत अल-बहरईन। इसकी राजधानी है मनामा। ये अरब जगत का एक हिस्सा है जो एक द्वीप पर बसा हुआ है। बहरीन 1971 में स्वतंत्र हुआ और संवैधानिक राजतंत्र की स्थापना हुई, जिसका प्रमुख


डॉ. परमजीत ओबराय Author : डॉ. परमजीत ओबराय,
वर्षा स्मृति (7)
वर्षा वर्णन
01-Jul-2016 12:00 AM 1171 वर्षा वर्णन

गोस्वामी तुलसीदास
प्रयाग के पास बाँदा जिले में राजापुर नामक गाँव में संवत् 1554 को जन्म। का¶ाी में पंद्रह वर्षों तक वेदों और दूसरे संस्कृत ग्रंथों का अध्ययन। विवाह के बाद पत्नी मोह और पत्


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
काले बादल
01-Jul-2016 12:00 AM 1175 काले बादल

सुमित्रानंदन पंत
बीसवीं सदी का पूर्वाद्र्ध छायावादी कवियों का उत्थान काल था। उसी समय अल्मोड़ा निवासी सुमित्रानंदन पंत उस नये युग के प्रवर्तक के रूप में हिन्दी साहित्य में अभिहित हुये। इस युग को


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
बादल राग
01-Jul-2016 12:00 AM 1220 बादल राग

सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला'
वसंत पंचमी, 1896, मेदिनीपुर, प¶िचम बंगाल में जन्म। मुख्य कृतियाँ : उपन्यास : अप्सरा, अलका, प्रभावती, निरुपमा, कुल्ली भाट, बिल्लेसुर बकरिहा। कविता संग्रह : अनाम


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
घर की याद
01-Jul-2016 12:00 AM 1147 घर की याद

भवानीप्रसाद मिश्र
29 मार्च 1913, टिगरिया, हो¶ांगाबाद में जन्म। कविता संग्रह : गीतफरो¶ा, चकित है दुख, गांधी पंच¶ाती, बुनी हुई रस्सी, खु¶ाबू के ¶िालालेख, त्रिकाल संध्या,


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
भटका मेघ
01-Jul-2016 12:00 AM 1144 भटका मेघ

श्रीकांत वर्मा
18 सितंबर 1931 को बिलासपुर में जन्म। कविता संग्रह : भटका मेघ, मायादर्पण, दिनारंभ, जलसाघर, मगध। कहानी संग्रह : झाड़ी, संवाद। उपन्यास : दूसरी बार। आलोचना : जिरह। यात्रा वृत्तांत :


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
01-Jul-2016 12:00 AM 1442 मेरे राम का मुकुट भीग रहा है

विद्यानिवास मिश्र
28 जनवरी 1925 को पकड़डीहा, गोरखपुर में जन्म। मुख्य कृतियाँ : स्वरूप-विमर्¶ा, कितने मोरचे, गांधी का करुण रस, चिड़िया रैन बसेरा, छितवन की छाँह, तुलसीदास भक्ति प्रबंध का नया


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
पानी की आवाज सुनो
01-Jul-2016 12:00 AM 1141 पानी की आवाज सुनो

अब पानी सब व्यक्तियों, व्यापारियों और व्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन पर है
कि मेरे रास्ते से हटो। मेरा रास्ता मत रोको। मुझे नदी में बहने दो, कुइया में,
पोखर में, ताल में भरने दो, कुओं में आ


ध्रुव शुक्ल Author : ध्रुव शुक्ल, INDIA
शब्द चित्र (4)
मुंबई की बरसात
01-Jul-2016 12:00 AM 1195 मुंबई की बरसात

इस साल जून के महीने में बरसात का कहीं नामोनिशाां नहीं दिखा। गरमी और पसीने से त्राहिमाम् करते लोगों को देखकर पिछले बरस की बरसात की शाुरूआत का खूबसूरत मंजर अनायास ही आंखों के आगे झूम उठता है। मई का म


अनुराधा महेंद्र Author : अनुराधा महेंद्र,
बारिश में मुंबई
01-Jul-2016 12:00 AM 1183 बारिश में मुंबई

समुंदर की लहरें उफान पर हैं। किनारे से टकराकर, किनारे को भिगोकर, कोलतार की स्याह सड़कों पर उछलकर फिर से लौट रही है, समुंदर में। किनारे से दूर खड़ी उस चाय की टपरी से "बरखा रानी, जरा जमके बरसो, मेरा दि


डॉ. सुलभा कोरे Author : डॉ. सुलभा कोरे,
हिमाचल में बरसात का रोमांच
01-Jul-2016 12:00 AM 1168 हिमाचल में बरसात का रोमांच

देश के मैदानी इलाकों में भले ही बरसात का मौसम आफत लेकर आता हो लेकिन ऊँचे पहाड़ों पर यही बरसात कुदरत की खूबसूरत नैमतें लेकर आती है। कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाये तो बरसात पहाड़ों को इस तरह सजाती संवारत


अनन्त आलोक Author : अनन्त आलोक,
बोले रे पपीहरा, अब घन गरजे
01-Jul-2016 12:00 AM 1174 बोले रे पपीहरा, अब घन गरजे

मेघाच्छादित आकाशा को देख मयूर नाचने लगते हैं। पपीहा "पिय आया, पिय आया' गाने लगता है।
दादुर और झींगुर अपनी हर्षध्वनि से पावस ऋतु का स्वागत करते हैं। कुल मिलाकर, प्रकृति के संगीत
और मानवी


श्यामा प्रसाद नियोगी Author : श्यामा प्रसाद नियोगी,
रम्य रचना (1)
हरियाला सावन ढोल बजाता आया
01-Jul-2016 12:00 AM 1221 हरियाला सावन ढोल बजाता आया

इस साल की भयानक गर्मी के बाद -- "सावन आया – धिन तक तक मन के मोर नचाता आया।' वर्षा और मोर का चोली दामन का साथ है। दोनों ही का संबंध नृत्य से भी है और नृत्य तो हर भारतीय की रग-रग में बसा है। मय


सुधा दीक्षित Author : सुधा दीक्षित, INDIA
व्याख्या (1)
कस्मै देवाय हविषा विधेम?
01-Jul-2016 12:00 AM 1380 कस्मै देवाय हविषा विधेम?

भारतीय मानस की अनवरत् जिज्ञासा की कथा की यह कड़ी आधुनिक भारत में वैज्ञानिक विकास लिखने के क्रम में बारम्बार यही प्रशन मानस पटल पर उभर कर आता है, "कस्मै देवाय हविषा विधेम?' अर्थात् किस देवता की उपासन


राजेश करमहे Author : राजेश करमहे, India
अनुवाद (1)
मानस प्रबंधन अंग्रेजी से अनुवाद राजेश करमहे भाग : तीन
01-Jul-2016 12:00 AM 1185 मानस प्रबंधन अंग्रेजी से अनुवाद राजेश करमहे भाग : तीन

सामान्य बोध में असामान्य क्या है?
1776 के आरम्भिक समय में, जब थॉमस पेन लोगों को प्रेरित कर रहे थे; अमेरिका की ब्रिाटिशा शाासन से स्वतंत्रता प्रायः सन्निकट थी। यह जुलाई में घटित भी हुआ। पेन के


बी.मरिया कुमार Author : बी.मरिया कुमार,
सम्पादकीय (1)
वर्षा-मंगल
01-Jul-2016 12:00 AM 1185 वर्षा-मंगल

ऋग्वेद के पाँचवे मंडल के 83वें सूक्त की इस प्रथम ऋचा में उस वैदिक महा¶ाक्ति¶ााली, दानवीर और भीम गर्जना करने वाले पर्जन्य देवता की स्तुति की गई है, जो वृषभ के समान निर्भीक है और पृथ्वीतल क


राजेश करमहे Author : राजेश करमहे, India
पर्यटन (1)
अनूठा द्वीप तस्मानिया
01-Jul-2016 12:00 AM 1124 अनूठा द्वीप तस्मानिया

शाीतोष्ण जलवायु होने के कारण तस्मानिया पहाड़ी एवं ठंडा प्रदेशा है। इसकी
नैसर्गिक शाोभा में विशााल पहाड़ों व घाटियों के साथ दो नदियाँ, झरने, झीलें,
सुंदर सागर तट, विशिाष्ट वनस्पतियाँ और जी


अनुपमा दीक्षित Author : अनुपमा दीक्षित,
प्रतिक्रिया (1)
कबीर के बहाने मुँह चिढ़ाते सवाल
01-Jul-2016 12:00 AM 1104 कबीर के बहाने मुँह चिढ़ाते सवाल

कबीर की बात करने वाला, उनके कहे के दम पर समाज में व्यापी विद्रूपता
पर कुठाराघात करने वाला समुदाय या वर्ग क्या वाकई कबीर के मंतव्यों का
अनुगामी है? और वही परिणाम चाहता है जैसी कबीर की अप


सौरभ पाण्डेय Author : सौरभ पाण्डेय, INDIA
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