ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
आवरण (15)
प्रवासी भारतीय दिवस क्यों मनाएं
01-Jan-2016 12:00 AM 107 प्रवासी भारतीय दिवस क्यों मनाएं

ई शताब्दियों से भारतीय दूसरे देशों में स्थाई या अस्थायी रूप से बस रहे हैं। लेकिन प्रवासी भारतीय दिवस मनाने के लिए हमें 9 जनवरी 2003 तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। अधिकतर प्रवासी भारतीय भावनात्मक रूप से भार


डॉ. राघबेन्द्र झा Author : डॉ. राघबेन्द्र झा, India
प्रवासी भारतीय दिवस के मायने
01-Jan-2016 12:00 AM 140 प्रवासी भारतीय दिवस के मायने

प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन अब एक परम्परा बन गया है। 9 जनवरी 2003 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने "सदा खुले हैं द्वार' कविता-पंक्ति सुनाकर विश्व भर में फैले प्रवासी-आप्रवासी


प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण Author : प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण, India
प्रवासी भारतवंशियों की गाथा
01-Jan-2016 12:00 AM 133 प्रवासी भारतवंशियों की गाथा

भारतवंशी विश्व के अनेक देशों में बसे हैं। उनके पूर्वज जीविकोपार्जन के लिए अलग-अलग समय पर अनेक देशों में गए। अनेक तत्कालीन परिस्थितियों से वशीभूत होकर वहीं बस गए। आज वहां के सामाजिक, राजनीतिक और सां


प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी Author : प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी, Netherlands
भारत की विदेश नीति और भारतवंशी
01-Jan-2016 12:00 AM 216 भारत की विदेश नीति और भारतवंशी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की विदेश नीति के सोये हुए समुद्र में नई लहरें पैदा कर दी हैं। अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में सैंतीस देशों की यात्राएं करके उन्होंने साबित कर दिया है कि वे चुपचाप बै


डॉ. गोविंद सिंह Author : डॉ. गोविंद सिंह, India
नया साल मुबारक हो
01-Jan-2016 12:00 AM 74 नया साल मुबारक हो

काई पन्द्रह साल पहले की घटना है। महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी वि?ाविद्यालय के दिल्ली केंद्र में एक भद्र महिला आर्इं। बताया गया कि वे अमरीका से आई हैं। बैठते ही उन्होंने शिकायत की कि हालाँकि हम


अपूर्वानंद Author : अपूर्वानंद, India
प्रवासी भारतीयों से एक संवाद
01-Jan-2016 12:00 AM 90 प्रवासी भारतीयों से एक संवाद

इसके पहले कि मैं प्रवासी भारतीयों से संवाद स्थापित करने की कोशिश करूँ, मैं अपने बारे में कुछ कह लूँ। इसे एक तरह से अपने "क्रीडेंशल' स्थापित करना भी कह सकते हैं। मैं कुल मिलाकर तकरीबन साढ़े आठ साल सं


लाल्टू Author : लाल्टू,
भारतवंशियों, पीछे नहीं आगे देखो
01-Jan-2016 12:00 AM 84 भारतवंशियों, पीछे नहीं आगे देखो

भारतीय मीडिया में परोसी जा रही सूचनाओं को देखा जाए तो ऐसा प्रतीत होगा मानो दुनिया भर में बसे भारतवंशी और प्रवासी भारतीय अभूतपूर्व आत्मवि?ाास, उत्साह और देशप्रेम से सराबोर हैं। टीवी के परदे पर लहरात


डॉ. मुकेश कुमार Author : डॉ. मुकेश कुमार, India
खाड़ी के मजदूरों का स्याह पक्ष
01-Jan-2016 12:00 AM 77 खाड़ी के मजदूरों का स्याह पक्ष

अपने देश में यह गहरी मान्यता है कि जो परदेश में रहते हैं वे सर्वथा सम्पन्न होते हैं। अतएव परदेशियों को यहाँ तिलस्मी चश्मे से देखा जाता है। युवा बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में विदेश पलायन करना चाह


दिगम्बर नासवा Author : दिगम्बर नासवा, हरियाणा
वेश मे पदार्पण करेगा - ललित याज्ञिक
01-Jan-2016 12:00 AM 81 वेश मे पदार्पण करेगा - ललित याज्ञिक

ठीक ही कहा है, भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचार चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। उसे दूर करने के उपाय ढूंढने में लग जाना चाहिये। लेकिन क्या इस क्षेत्र में तकनीकी कुछ मदद कर सकती है? इतिहास साक्षी है छोटे-मोटे तकनीक


हरिहर झा Author : हरिहर झा, ऑस्ट्रेलिया
असाधारण सफलता का सफ़र
01-Jan-2016 12:00 AM 111 असाधारण सफलता का सफ़र

यह कहानी एक ऐसे अप्रवासी भारतीय उद्यमी की है जिसने अपनी पहली कंपनी (उद्यम) "कोरल नेटवक्र्स' सन 1988 में शुरू की और 1990 में दो वर्ष के बाद मात्र 26.95 डालर में बेच दी थी। इस उद्यमी ने बेचने से मिले


संजीव त्रिपाठी Author : संजीव त्रिपाठी, America
कारोबार में सिंगापुर तो है सदाबहार
01-Jan-2016 12:00 AM 87 कारोबार में सिंगापुर तो है सदाबहार

विविधता और बहुसांस्कृतिक सुन्दरता सिंगापुर को अपने व्यापार-स्थल के रूप में चुनने के कई कारणों में से एक है। यहाँ के व्यापारिक माहौल और निम्न कर दर की वजह से लोग अपने कारोबार का फैलाव करते यहीं जम ज


डॉ. संध्या सिंह Author : डॉ. संध्या सिंह, Singapore
व्यावसायिक नज़रिये ने तरक्की की राह दिखायी - विष्णु ताम्बी
01-Jan-2016 12:00 AM 80 व्यावसायिक नज़रिये ने तरक्की की राह दिखायी - विष्णु ताम्बी

इंजीनियरिंग के हजारों विद्यार्थियों में कुछेक ऐसे होते हैं जो नया करने के जुनून में चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हैं। विष्णु ताम्बी भी ऐसा ही एक नाम है, जिन्होंने व्यावसायिक सफलता के मुकाम तक पहु


निश्चल मंगू Author : निश्चल मंगू, America
अमेरिका में हिंदी-यूएसए का अभिनव प्रयोग
01-Jan-2016 12:00 AM 85 अमेरिका में हिंदी-यूएसए का अभिनव प्रयोग

अमेरिका में हिंदी यूएसए के जरिये हिंदी के प्रचार- प्रसार से जुड़ने का विचार देवेंद्र सिंह की कल्पना में तक नहीं था। उनका बचपन भारत में बीता। पैंतीस वर्ष पहले जब वे पढ़ने के लिये अमेरिका पहुँचे तो वहा


सारा प्राइस-अरोरा Author : सारा प्राइस-अरोरा,
पूँजी का सम्मान करना होगा - राजीव कौल
01-Jan-2016 12:00 AM 75 पूँजी का सम्मान करना होगा - राजीव कौल

श्रीनगर में पैदा होने वाले राजीव कौल ने अस्सी के दशक में भोपाल के हमीदिया कॉलेज भोपाल से बी.कॉम, एम.कॉम किया और सीए की पढ़ाई की। कुछ समय तक मोदी जेराक्स में काम करने के बाद 1998 में वे सेंटजान यूनिव


फ़राह सैय्यद Author : फ़राह सैय्यद,
आर्थिक तरक्की के लिये व्यापार-मित्र बनना होगा - अजय भट्ट
01-Jan-2016 12:00 AM 78 आर्थिक तरक्की के लिये व्यापार-मित्र बनना होगा - अजय भट्ट

लखनऊ में पैदा हुए अजय भट्ट ने अस्सी के दशक में भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। विदेश व्यापार संस्थान, दिल्ली से एमबीए डिग्री करने क


अशोक मनवानी Author : अशोक मनवानी,
विशेष (15)
भारत-चीन व्यापार की सुदृढ़ होती डोर
01-Jan-2016 12:00 AM 363 भारत-चीन व्यापार की सुदृढ़ होती डोर

वर्तमान में चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक मित्र है और भारत चीन का दसवां सबसे बड़ा व्यापारिक मित्र हैं। भारत-चीन व्यापारिक सम्बन्धों का इतिहास इन दोनों देशों के बीच के सांस्कृतिक संबंधों जितना ही पु


डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी Author : डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , India
उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस यादगार होगा - अखिलेश यादव
01-Jan-2016 12:00 AM 258 उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस यादगार होगा - अखिलेश यादव

प्रश्न : आगरा में 4 से 6 जनवरी 2016 को पहला "उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस' मनाया जा रहा है। इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे। उत्तर : पिछली सरकार के ठीक उलट वर्तमान सरकार अपने गठन के बाद से ही प


सुषमा शर्मा Author : सुषमा शर्मा, India
स्वीडन में भारतीय समाज
01-Jan-2016 12:00 AM 234 स्वीडन में भारतीय समाज

भारतीय और भारतवंश का समाज यूरोप में ब्रााडफोर्ड जैसी जगहों को छोड़कर बिलकुल अल्पसंख्यक है लेकिन भारतीय संस्कृति की पहचान बढ़ती जा रही है और इसके साथ भारत एक प्रमुख आर्थिक खिलाड़ी बन गया है। यूरोप में


ज़ेवियर ग्रॉस Author : ज़ेवियर ग्रॉस,
यूरोप में प्रवासी भारतीय समाज
01-Jan-2016 12:00 AM 213 यूरोप में प्रवासी भारतीय समाज

आज यूरोप के कई देशों के महानगरों में विभिन्न देशों से लोग आकर बसे हैं। औद्योगिक क्रांति के पश्चात बीसवीं पूर्वार्ध तक लंदन, पेरिस, बर्लिन जैसे महानगर दूर-दूर के लोगों को अपनी और खींचने लगे थे, पर ज


विपुल गोस्वामी Author : विपुल गोस्वामी,
जापान में प्रवासी भारतीय
01-Jan-2016 12:00 AM 269 जापान में प्रवासी भारतीय

दिसंबर 2014 के आंकड़े के अनुसार जापान में 24 हजार 524 प्रवासी भारतीय रहते हैं। 2005 में जापान में प्रवासी विदेशियों की संख्या जापान की जनसंख्या का 1.6 प्र.श. था। उसमें भारतीयों की संख्या 16 हजार 988


डॉ. तोमोको किकुचि Author : डॉ. तोमोको किकुचि,
ऑस्ट्रेलियाई भारतीयवंशियों के सरोकार
01-Jan-2016 12:00 AM 205 ऑस्ट्रेलियाई भारतीयवंशियों के सरोकार

इस साल मैंने कई समारोहों में भाग लिया, जिनमें मैंने अनुभव किया कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीय समाज अब प्रगति की राह पर है। हाल ही में, 23 नवंबर को, ऑस्ट्रेलिया के संसद भवन में दीपावली के समरोह ब


डॉ. पीटर फ्रडलैंडर Author : डॉ. पीटर फ्रडलैंडर,
प्राचीनतम भाषा और नवीनतम प्रौद्योगिकी
01-Jan-2016 12:00 AM 201 प्राचीनतम भाषा और नवीनतम प्रौद्योगिकी

आस्ट्रेलिया में संस्कृत का अध्ययन पुराने साँचे को तोड़ देता है। ऑस्ट्रेलियन नेशनल युनिवर्सिटी के सह-प्राध्यापक मैकॉमास अपने पुरस्कृत संस्कृत प्रोग्राम के बारे में अपने अनुभव को इस तरह कहते हैं, वि?ा


मैक्कॉमस टेलर Author : मैक्कॉमस टेलर,
जन्मभूमि और कर्मभूमि का झूला
01-Jan-2016 12:00 AM 216 जन्मभूमि और कर्मभूमि का झूला

आस्ट्रेलिया में भारतीय मूल समूह बहुत ही मिश्रित है, जो विभिन्न व्यवसायों, विभिन्न संस्कृतियों और विभिन्न राज्यों से डॉक्टरों और इंजीनियरों से लेकर रसोइये जैसे व्यक्तियों के शामिल लोगों से बना है। य


संतोष गुप्ता Author : संतोष गुप्ता,
भारतीय बुज़ुर्ग जाएँ तो जाएँ कहाँ?
01-Jan-2016 12:00 AM 213 भारतीय बुज़ुर्ग जाएँ तो जाएँ कहाँ?

आस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीयों का इतिहास दशकों पुराना है। भारतीय मूल के जो बुज़ुर्ग चार-पाँच दशक पहले आए वे सुस्थापित होकर सम्पन्न हो चुके हैं। हालांकि स्थानीय जीवन-शैली अपनाते हुए वे अपने बहू-बेट


रमेश दवे Author : रमेश दवे ,
रूस में प्रवासी भारतीय समाज
01-Jan-2016 12:00 AM 323 रूस में प्रवासी भारतीय समाज

भारत वि?ा का दूसरा सबसे बड़ा डायस्पोरा है। पचास देशों से अधिक में रह रहे प्रवासी भारतीयों की जनसंख्या करीब दो करोड़ है। रूस के सांख्यिकी विभाग गरोसस्तात'त के अनुसार रूस में बीस हज़ार से अधिक भारतीय रह


एकटेरिना गुदकोवा Author : एकटेरिना गुदकोवा,
अमेरिका में प्रवासी भारतीय
01-Jan-2016 12:00 AM 235 अमेरिका में प्रवासी भारतीय

जेसे मानवेतर जीव भोजन, पानी और सुरक्षा के लिए समस्त सृष्टि में इधर-उधर भ्रमण करते रहते हैं वैसे ही मनुष्य के यत्र-तत्र भरण और प्रवासन का इतिहास भी रहा है। बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए उत्तर-प


रमेश जोशी Author : रमेश जोशी, USA
न्यूयार्क में भारतवंशी
01-Jan-2016 12:00 AM 210 न्यूयार्क में भारतवंशी

न्यूयार्क में भारतीयों की संख्या लगभग सात लाख है। भारतीय यहां चीनियों के बाद दूसरे एशियन- अमेरिकन के रूप में रहते हैं। आप यहां भारतीयों को बड़ी आसानी से सबवे ट्रेन में आते-जाते, दुकानों में, बाजारों


रामानुज शर्मा Author : रामानुज शर्मा,
शिकागो में हिंदुस्तानी
01-Jan-2016 12:00 AM 217  शिकागो में हिंदुस्तानी

हम लोग यहाँ नए नहीं हैं। हमारे बहुत पहले से यहाँ लोग है। किसी से छुपी नहीं हैं स्वामी विवेकानंद के बहुत पहले से यहाँ आने की आदर्श कहानियाँ! शिकागो में आयोजित हुए वि?ा धर्म महासभा के बारे में भी सभी


अपर्णा राय Author : अपर्णा राय, USA
कैलिफ़ोर्निया में छज्जू का चौबारा
01-Jan-2016 12:00 AM 210 कैलिफ़ोर्निया में छज्जू का चौबारा

सारी दुनिया देखी हमने
देखा बल्ख़ बुख़ारे में
पर वह बात नहीं पाई
जो छज्जू के चौबारे में।
कैलिफ़ोर्निया के कूपरटीनो नगर में प्रतिष्ठित छज्जू का चौबारा इस उक्ति को सार्थक करता है। ये


शकुन्तला बहादुर Author : शकुन्तला बहादुर ,
डंडीनोग : ऑस्ट्रेलिया में लिटिल इंडिया
01-Jan-2016 12:00 AM 144 डंडीनोग : ऑस्ट्रेलिया में लिटिल इंडिया

आस्ट्रेलिया का डंडीनोग इलाका "लिटिल इंडिया' कहलाता है। यहाँ भारतीयों की बहुलता के कारण भारतीय वस्तुएं, खान-पान, मसाले, कपड़े, ज्वेलरी आदि की 200 से ज्यादा दुकानें आपको भारतवर्ष में होने का एहसास करा


पूर्णिमा पाटिल Author : पूर्णिमा पाटिल,
शब्द चित्र (4)
तलाश एक भूमि की
01-Jan-2016 12:00 AM 245 तलाश एक भूमि की

मंगरू आज ठीक समय पर आजा के पास आकर बैठ गया। आज उसके साथ उस का दोस्त सरजू भी आया था। मंगरू ने कहा - आजा, कल आपने फत्तेल रोज़ाक के आने की कहानी सुनायी, बहुत दर्द भरी कहानी थी। रोचक तो थी ही। आप ने कहा


बी.एन. गोयल Author : बी.एन. गोयल,
विलायती मामा
01-Jan-2016 12:00 AM 233 विलायती मामा

1.
उन दिनों "प्रवासी' शब्द इस्तेमाल नहीं होता था। शायद इसीलिए इंग्लैंड में रह रहे अपने मामा को हम विलायत गया बताये थे। वे इंग्लैंड में रहकर दूर अवश्य रह रहे थे पर प्रवासी नहीं थे। उनके दूर होन


उदयन वाजपेयी Author : उदयन वाजपेयी, INDIA
ब्रादर शैनॉन मूल बांग्ला से अनुवाद गंगानन्द झा
01-Jan-2016 12:00 AM 222 ब्रादर शैनॉन मूल बांग्ला से अनुवाद गंगानन्द झा

आज के हायर सेकण्डरी को हमारे समय में प्रि-    युनिवर्सिटी कहा जाता था। प्रि-युनिवर्सिटी के दो साल मैं शिलांग शहर के प्रसिद्ध शिक्षण प्रतिष्ठान सेंट एडमण्ड्स कॉलेज का छात्र था। तब एडम


अमिताभ देव चौधरी Author : अमिताभ देव चौधरी,
पांच पत्र मैथिली से अनुवाद जगदीश चन्द्र ठाकुर
01-Jan-2016 12:00 AM 283 पांच पत्र मैथिली से अनुवाद जगदीश चन्द्र ठाकुर

(1)
दरभंगा, 1-1-19
प्रियतमे!
तुम्हारी लिखी चार पंक्तियाँ मैंने चार सौ बार पढ़ी, फिर भी मन नही भरा। आचार्य की परीक्षा सर पर है, मगर किताब पढ़ने में जरा भी मन नही लगता। हमेशा तुम्हारी ह


प्रो. हरिमोहन झा Author : प्रो. हरिमोहन झा,
सामयिक (1)
अंतिम व्यक्ति को वै·िाक करने का स्वप्न
01-Jan-2016 12:00 AM 239 अंतिम व्यक्ति को वै·िाक करने का स्वप्न

वर्ष दो हजार पंद्रह की दूसरी छमाही का आरम्भ भारत के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस समय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने "डिजिटल इंडिया' योजना का उद्घाटन किया, जिसमें द इंटरनेट से शासन में सुधार की


राजेश करमहे Author : राजेश करमहे, India
विमर्श (1)
ब्राहृर्षि वशिष्ठ
01-Jan-2016 12:00 AM 270 ब्राहृर्षि वशिष्ठ

ब्रहृर्षि, वैदिक महाकाव्यों के अनुसार ऋषियों की श्रेणी में सबसे ऊँचा पद है, और इस पद पर साथी ऋषि उसको शोभित करते थे, जिसने जीवन में सबसे ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर लिया हो। इस पद के लिये कोई विधिवत प्


डॉ. विजय मिश्र Author : डॉ. विजय मिश्र, INDIA
रम्य रचना (1)
कुछ रूमानी हो जाएँ
01-Jan-2016 12:00 AM 265 कुछ रूमानी हो जाएँ

लफ़्फ़ाज़ी और तक़रीर बहुत हो गयी, आज मन है कि कुछ क़िस्सागोई हो। यानि आज हम अफ़साना-        निगार होना चाहते हैं। ऐसा है साहिबान, भाषण, प्रवचन, तक़रीर, लेक्चर वगैहरा कोई नहीं


सुधा दीक्षित Author : सुधा दीक्षित, INDIA
व्याख्या (1)
तहां जाइ देखी बन सोभा। गुंजत चंचरीक मधु लोभा। नाना तरू फल फूल सुहाए। खग मृग बृंद देखि मन भाए। सैल बिसाल देखि एक आगें। ता पर धाइ चढ़ेउ भय त्यागें।
01-Jan-2016 12:00 AM 155 तहां जाइ देखी बन सोभा। गुंजत चंचरीक मधु लोभा। नाना तरू फल फूल सुहाए। खग मृग बृंद देखि मन भाए। सैल बिसाल देखि एक आगें। ता पर धाइ चढ़ेउ भय त्यागें।

हनुमान प्रकृति के पुत्र हैं। अब वह क्षण आता है जब प्रकृति की सुषमा के एक दूसरे आयाम से साक्षात्कृत होने का मौका उन्हें मिलता है। समुद्र से धरती पर आने का आनंद। बायरन के शब्दों में कहूं कि च्र्ण्ड्ढ


मनोज कुमार श्रीवास्तव Author : मनोज कुमार श्रीवास्तव,
कविता (1)
त्रिशंकू
01-Jan-2016 12:00 AM 157 त्रिशंकू

ना इधर के रहे
ना उधर के रहे
बीच अधर अटके रहे
ना इंडिया को भूला सके
ना अमेरिका को अपना सके
इंडियन-अमेरिकन बनके काम चलाते रहे

ना हिंदी को छोड़ सके
ना अंग्रेजी


उमेश ताम्बी Author : उमेश ताम्बी,
शायरी की बात (1)
ख़ुशी गम से अलग रहकर मुकम्मल हो नहीं सकती
01-Jan-2016 12:00 AM 284 ख़ुशी गम से अलग रहकर मुकम्मल हो नहीं सकती

जनाब अकील नोमानी साहब की किताब "रहगुज़र' पढ़कर खुद के उर्दू शायरी के जानकार होने की ग़लतफहमी दूर हो गयी। साठ-सत्तर शायरी की किताबें पढ़ लेने के बाद मुझे लगने लगा था कि मैंने उर्दू-हिंदी के बेहतरीन समका


नीरज गोस्वामी Author : नीरज गोस्वामी ,
अपनी बात (1)
नव वर्ष का अभिनन्दन
01-Jan-2016 12:00 AM 179 नव वर्ष का अभिनन्दन

न्यता है कि रोमन देवता जेनस के दो चेहरे हैं। एक से वह आगे और दूसरे से पीछे देखता है। साल के पहले महीने का नाम जनवरी इसी रोमन देवता के सम्मान में रखा गया। एक से वह बीते हुए वर्ष को देखता है और दूसरे


गंगानंद झा Author : गंगानंद झा,
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